प्रदेश के 6500 से अधिक प्राईवेट स्कूलों में 86000 से अधिक सीटों पर गरीब बच्चों को मिलेगा प्रवेश


रायपुर। छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन विगत आठ वर्षो से शिक्षा का अधिकार के अंतर्गत गरीब बच्चों को प्राइेवेट स्कूलों में ज्यादा से ज्यादा सीटों में प्रवेश दिलाने का प्रयास कर रही है। राज्य सरकार भी अब उनके मांगों पर मोहर लगा रही है। स्कूल शिक्षा विभाग भी इस बार कमर कस कर तैयार है कि आरटीई की एक भी सीट प्राईवेट स्कूलों में रिक्त ना रह जाये। हाईकोर्ट ने वर्ष 2016 में यह स्पष्ट आदेश दिया था कि आरटीई की सभी सीटों को भरा जाये, लेकिन अब अधिकारियों ने यह ठान लिया है कि प्राईवेट स्कूलों में आरटीई के अंतर्गत ज्यादा से ज्यादा सीटों में प्रवेश दिलाया जाये इसके लिये तैयारी लगभग पूर्ण कर ली गई है। मार्च 2 से आवेदन भरने की प्रक्रिया आरंभ कर दिया जायेगा, इसके लिये प्रदेश के लगभग 6500 प्राईवेट स्कूलों से आरक्षित सीटों की जानकारी मांगा गया है, क्योंकि इस सत्र 2020-21 में लगभग 86000 से अधिक सीटों में प्रवेश दिया जाना है।
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इस सत्र 2020.21 में गरीब बच्चों को यह सुविधा मिल सकता हैः-

  1. आवेदन ऑनलाईन और ऑफ लईन दोनों करने की सुविधा दी जा सकती है।
  2. गरीबी रेखा कार्ड ध्अंत्योदय कार्ड के आधार पर प्रवेश दिया जा सकता है।
  3. एक किलो मीटर के दायरे को बढ़ाया जा सकता है।
  4. बच्चे को हर माह आवेदन करने की सुविधा दी जा सकती है, जब तक आरक्षित सीटें भर ना जावे।
  5. बच्चे को एक से अधिक आवेदन करने की सुविधा दी जा सकती है।
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    ऐसे मिल सकता है ज्यादा सीटों पर प्रवेश
  6. गरीब रेखा कार्ड के आधार पर गरीब बच्चों को प्राईवेट स्कूलों में प्रवेश दिया जावे।
  7. तहसीलदार द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र (ईडब्ल्युएस सर्टिफिकेट) के आधार पर गरीब बच्चों को प्राईवेट स्कूलों में प्रवेश दिया जावे।
  8. सर्वे सूची या जनगणना सूचि की अनिवार्यता को समाप्त किया जावे।
  9. बच्चे को एक से अधिक आवेदन करने की अनुमति दिया जावे।
  10. रिक्त सीटों में इच्छुक बच्चे जो परिवहन व्यय उठाने को तैयार है उन्हें प्रवेश दिया जावे।
  11. आवेदन ऑफलाईन और ऑनलाईन करने की सुविधा दिया जावे।

7. शिक्षा का अधिकार के अंतर्गत सभी विभागीय अनुमति/मान्यता प्राप्त प्राईवेट स्कूलों (घोषित अल्पसंख्यक स्कूलों को छोड़) में आरटीई के अंतर्गत प्रवेश दिलाया जावे।

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