कृषि ज्ञान एवं तकनीक को समाज से जोड़ने की जरूरत: डाॅ. पाटील

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डिजिटल वातावरण के संजाल में कृषि ज्ञान प्रबंधन के साधन पर कार्यशाला सम्पन्न

रायपुर, 02 मार्च, 2020। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर और प्रोफेसर जयशंकर तेलंगाना राज्य कृषि विश्वविद्यालय, हैदराबाद के संयुक्त तत्वावधान में नेटवर्कड डिजिटल वातावरण में कृषि ज्ञान प्रबंधन के साधन विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला के मुख्या अतिथि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. एस.के. पाटील ने कहा कि ज्ञान एवं तकनीक तभी उपयोगी है जब वह समाज के हर तकबे तक पहुंचे। कृषि संबंधी ज्ञान एवं तकनीक को कृषक समाज तक पहुंचाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में सूचना एवं ज्ञान प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं लेकिन यह वास्तविक उपयोगकर्ताओं तक नहीं पहंुच पा रहा है। अतः उपलब्ध ज्ञान और तकनीक की समय-समय पर समीक्षा की जानी चाहिए और इनका प्रबंधन इस प्रकार किया जाना चाहिए कि यह जरूरतमंदों तक पहुंच सके।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय प्रबंध मंडल के सदस्य श्री आनंद मिश्रा ने पुस्तकालयों की महत्ता बताते हुए कहा कि किताबें हमारी सच्ची दोस्त होती हंै। किताबों के द्वारा हममें ज्ञान एवं सूचनाओं के साथ-साथ संवेदनाओं का विकास भी होता है। आज के डिजिटल युग में ज्ञान एवं सूचनाओं की भरमार हैं किन्तु मानवीय संवेदनाएं विलुप्त होती जा रही हैं। उन्होंने मानवीय संवेदनाओं को बचाने की आवश्यकता बताई। इस अवसर पर भारतीय कृषि पुस्तकालय संघ के अध्यक्ष एवं पुस्तकालयाध्यक्ष डाॅ. के वीरांन्जेन्युल ने डिजिटिलाइजेशन की कृषि ज्ञान में उपयोगिता बताई। उन्होंने संसाधनों जैसे सेरा, कृषि कोर्स, एग्रीकेट, आइडियल, यूनियन कैटलाॅग तथा टूल्स की जानकारी दी।
कृषि पुस्तकालयों को सुदृढ़ बनाने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा सहयोग दिया जा रहा है। राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना के मुख्य अन्वेषक एवं विश्वविद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष श्री एन. पी. रविकुमार ने परियोजना के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम के प्रारम्भ में स्वागत भाषण देते हुये पुस्तकालयाध्यक्ष डाॅ. माधव पाण्डेय ने कहा कि नेहरू पुस्तकालय को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। यह पुस्तकालय छत्तीसगढ़ पुस्तकालय अधिनियम के अंतर्गत राज्य शासन द्वारा प्रारंभ किया गया है। तकनीकी सत्र में पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के पुस्तकालयाध्यक्ष डाॅ. सुपर्ण सेनगुप्ता ने साहित्यिक ने चोरी एंटी प्लेगरिज्म पर विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर कृषि महाविद्यालय, रायपुर के अधिष्ठाता डाॅ. एस.एस. राव, निदेशक शिक्षण डाॅ. एम.पी. ठाकुर मौजूद थे। इस कार्यशाला में देश भर के 400 से अधिक प्राध्यापक, वैज्ञानिक, पुस्तकालयाध्यक्ष, छात्र-छात्रायें उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सहा. पुस्तकालयाध्यक्ष डाॅ. माधुरी गौतम ने किया तथा कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन प्राध्यापक डाॅ. एम. एल. लखेरा ने किया।

(संजय नैयर)
सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी

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