रायपुर मंडल यांत्रिक विभाग के पीपीयार्ड भिलाई में महिला सशक्तिकरण एवं तकनीकी कार्यक्षेत्रमें उनका योगदान

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर मंडल के पीपीयार्ड एक वैगन आरोएच डिपो मे महिलाओं द्वारा तकनीकी कार्य किये जा रहे है वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर समन्वय श्री एस के सेनापति के दिशा निर्देशन मे यहॉं महिला कर्मचारियों को कार्य क्षेत्र में पुरूषों के समान अवसर एवं बेहतर वातावरण प्रदान किया जा रहा है और महिलाएं पुरूषों के ही समान तकनीकी कार्य में अपना योगदान दे रहे हैं ।

पीपीयार्ड एक वैगन आरोएच डिपो है एवं यहॉं भारतीय रेल का सबसे लंबा (310 मीटर) आरओएच शेड है । इसके साथ-साथ यह डिपो भारतीय रेल का उच्चातम आरओएच (800 प्रति माह) देनेवाला डिपो है । इस डिपो में कुल 709 कर्मचारी कार्यरत् हैं और उनमें से 40 महिलाएं हैं । अधिकतर महिलाएं तकनीकी क्षेत्र में कार्यरत् हैं ।

महिला कर्मियों के तकनीकी क्षेत्र में भागीदारी और लिंग भेद मुक्त वातावरण

श्रीमति टेरेसा हेम्ब्रा म, वरि.अनु.अभियंता जो कि मेकेनीकल इंजीनियरिंग में डिप्लोकमा की है, चक्केल धुरी का अल्ट्रा सोनिक परीक्षण करती है । वह प्रतिदिन 8 घंटे में 20 चक्कोंक का अल्ट्रािसोनिक परीक्षण करती है, और आंतरिक त्रुटियां की छानबीन करती है ।

श्रीमती पी.सुशीला राव, पदनाम- तक-2 एवं श्रीमती मुन्नी् गोडसोरा, तक-2 वह सीएनसी व्ही्ल लेथ पर चक्कोंी की टर्निंग करती हैं और सही प्रोफाईल बना कर आरओएच के लिए देती है, और इसके साथ-साथ चक्कोंि का हिसाब-किताब भी रखती है । मालडिब्बेह जब पटरी पर दौड़ते हैं तो चक्कोंं की सही प्रोफाईल होना सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंंत महत्वरपूर्ण होता है । ‘जब मैं चक्केर की प्रोफाईल बनाती हूँ तो मेरे जेहन में यात्रा की सुरक्षा सर्वोपरि होती है’ ऐसा श्रीमती सुशीला का कहना है ।

श्रीमती टी श्रीनिवासलु, पदनाम- वरि.तकनीशियन, श्रीमती अलीदेवी, पदनाम- हेल्पहर, श्रीमती साधन, पदनाम- हेल्पतर एवं श्रीमती मनीषा,हेल्पिर ब्रेक रेगुलेटर का ओवर हॉलिंग करती है और इस ओवर हॉलिंग के दौरान 95 पूर्जों का बदलाव करत है । इनके द्वारा ओवर हॉलिंग किये हुए ब्रेक रेगुलेटर में 18 महिनों की गारंटी रहती है । श्रीमती टी श्रीनिवासलु का कैरेज एवं वैगनके कार्यक्षेत्र में 30 वर्षों का अनुभव है ।

श्रीमती ललिता उईके, पदनाम – वरि तकनीशियन एवं श्रीमती सुमीला पाल, तकनी-2 ब्रेकिंग डिस्टीैब्यू टर वाल्वत के ओवर हॉलिंग में कार्यरत् हैं एवं वह डीव्हीत के 70 छोट-छोटे पूर्जों का बदलाव करती है । डीव्हीी गाड़ी के ब्रेकिंग सिस्टतम का एक अत्यं त महत्व्पूर्ण पूर्जा है । श्रीमती ललिता उईके का कैरेज एवं वैगन के कार्यक्षेत्र में 20 वर्षों का अनुभवहै और इनका मानना है कि ब्रेक सिस्ट म डिब्बेण की जान होती है अत: जब इसपर काम करे तो पूरे ध्यामन से करे ।

श्रीमती छेदीन बाई, पदनाम- वरि. तकनीशियन बोगी कॉईल स्प्रीं ग की साफ-सफाई परीक्षण एवं मापन का कार्य करती है । इनके साथ में श्रीमती साधनी बाई, तकनी-1 एवं श्रीमती उमा, श्रीमती एम लक्ष्मीप, कुमारी ज्योीति एवं कु. चेतना चंद्राकर,श्रीमती ए अनुराधा राव तथा श्रीमती गैतीला बघेल, हेल्पमर का भी सहयोग रहताहै । श्रीमती छेदीन बाई का कैरेज एवं वैगन के कार्यक्षेत्र में 37 वर्षों का अनुभव है । बोगी सेक्श न का कार्य मालडिब्बे की सुरक्षा एवं गुणवत्ताई से जुड़ा हुआ होता है ।

कुमारी ज्योाति नाग, पदनाम- हेल्पंर स्प्रिंग सेक्शलन में कार्य करती है एवं ईओटी क्रेन चलाती है । यह बोगी सेक्श्न एवं व्ही्ल सेक्श़न में क्रेन के आवश्य7कतानुसार क्रेनका आवागमन करती है ।
श्रीमती जी लक्ष्मीा,पदनाम – वरि. तकनीशियन जो न्यूकमेटिक प्रेस मशीन में विभिन्ननप्रकार के एपीडीएवं बल्ब‍ कॉटर विभिन्न साईज में बनाती है ।
श्रीमती धनलक्ष्मीी, पदेनाम- वरि. तकनीशियन कम्प्रेकशर चलाती है साथ ही साथ कम्प्रे्शर का रख-रखाव जैसे ओवर लोड, ऑयल लेवल एवं मशीन की सफाई इत्यामदी स्ववयं करती है ।
पीपीयार्ड में महिला कर्मचारियों के लिए सर्व सुविधायुक्त एक महिला कक्ष का निर्माण किया गया है, जहॉं कपड़े बदलने की सुविधा, भोजन के लिए कुर्सी एवं टेबल और इस कक्ष से संलग्नत टायलेट का प्रावधान है । इस कक्ष में सेनेटरी नेपकीन डिसपेन्सार मशीन एवं अनुपयोगी पैड को जलानेवाली मशीन भी उपलब्धत है ।

पीपीयार्ड में विशाखा कमेटी की अनुशंसा के अनुसार वरि.मं.यां.इंजीनियर/पीपीयार्ड की अध्येक्षता में पॉंच सदस्योंर वाली एक समिति बनाई गई है जो महिला संबंधित शिकायत एवं समस्याभओं की सुनवाई और निराकरण करत है। इसकी मीटिंग प्रत्येबक माह की पहली शुक्रवार को नियमित रूप से होती है ।

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