कोरोना से सावधान रहें जिन्‍हें सांस संबंधी समस्‍या हो.


रायपुर, 28 मार्च 2020। कोरोना वायरस किसी को भी संक्रमित कर सकता है लेकिन उन लोगों को इससे ज़्यादा ख़तरा है जिन्हें पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है या जो उम्रदराज हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण से डाइबिटीज, बीपी, एलर्जी, टीबी, हाइपर टेंशन, कुपोषित, फेफड़े की कैंसर, रोग प्रतिरोधक क्षमता, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चों को अतिरिक्त सावधानियां रखने की जरुरत है। देश व प्रदेश की सरकार इस महामारी से निपटने के लिए अपनी तरफ से हर संभव कोशिश कर रही है। लोगों से सामाजिक दूरी बनाने की अपील की जा रही है।
एम्स अस्पताल के अधीक्षक डॉ. करण पिपरे के अनुसार जो लोग उम्रदराज हैं या जिन्हें हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज़ जैसी बीमारियां हैं उनको कोरोना वायरस से ज़्यादा ख़तरा है। गर्भवती अवस्था में महिलाओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता थोड़ी कमजोर होती है। गर्भवती महिलाओं को कोविद-19 को लेकर सावधान रहने की जरूरत है। जिन लोगों में हाई बल्ड प्रेशर, सांस संबंधी समस्या या कमज़ोर प्रतिरक्षा क्षमता है उन्हें वायरस से बचने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए।
डॉ. पीपरे ने बताया कोरोना वायरस के कारण भी सांस संबंधी समस्या हो जाती है। वायरस गले, श्वसन नली और फेफड़ों पर असर डालता है। ऐसे में पहले से कोई दिक्कत होने पर इलाज करना और चुनौतीपूर्ण बन जाता है। अगर फ्लू के लक्षण दिखते हैं तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। उन्होंने कहा धूम्रपान करने वालों को श्वसन संबंधी संक्रमण होने की ज़्यादा आशंका होती है। उन्हें धूम्रपान न करने वालों के मुक़ाबले निमोनिया होने का ख़तरा दुगना होता है। कोरोना वायरस के संक्रमण की इस समस्या व हालात गंभीर होने से पहले धूम्रपान छोड़ दें। कोरोना वायरस का इलाज इस बात पर आधारित होता है कि मरीज़ के शरीर को सांस लेने में मदद की जाए और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जाए ताकि व्यक्ति का शरीर ख़ुद वायरस से लडऩे में सक्षम हो जाए। टीबी यानी क्षय रोग से ग्रसित मरीजों में भी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होता है। ऐसे में इन मरीजों को विशेष देखभाल की जरुरत है।
प्रदेशवासियों को भयभीत होने होने की जरुरत नहीं है। लॉक डाउन का पालन कीजिये और अगर घर से बाहर निकले तो 2 मीटर की दूरी बनाएं। कोई भी जरुरी कार्य होने पर ही घर से निकले। सोशल डिसटेंस और सावधानी ही वायरस के खतरे से लडऩे का कारगर उपाय है। एम्स के डॉक्टरों की टीम और स्‍वास्‍थ्‍य  विभाग के अफसर 24 घंटे सतर्क होकर इलाज करने सेवा दे रहे हैं। ऐसे में विदेश यात्रा करने वाले व अन्य राज्यों  से आने वाले को लोगों से सम्पर्क न करते हुए होम क्वॉरेंटाइन में रहने की सलाह दी गई है।  
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