आखिरकार सीआरपीएफ के कोबरा बटालियन के कमांडेंट अजय दिव्यांशु हटाए गए न्यूज़ टुडे की खबर पर हक़ीक़त की मुहर, सुकमा में पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों बीच तालमेल की कमी से मुठभेड़ में डीआरजी के 17 जवान शहीद 14 हुए थे घायल

By cggrameen nëws Jiwrakhan lal ushare

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रायपुर / छत्तीसगढ़ की खोजपरख खबर पर एक बार फिर हक़ीक़त की मुहर लगी है | पिछले दिनों विशेष सूत्रों सेेेे ज्ञात है कि है छत्तीसगढ़ ने राज्य के नक्सल प्रभावित इलाकों में पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के बीच तालमेल में कमी की खबर को प्रमुख्ता से प्रकाशित किया था | इस खबर में सरकार के संज्ञान में यह तथ्य भी लाया गया था कि सुकमा के जिस इलाके में 21 मार्च 2020 को पुलिस मुठभेड़ हुई थी | उससे महज एक डेढ़ किलोमीटर दूरी पर सीआरपीआफ की कोबरा बटालियन का दस्ता मौजूद था | लेकिन डीआरजी की सहायता के लिए यह दस्ता आगे नहीं बढ़ा | नतीजतन पुलिस नक्सली मुठभेड़ में डीआरजी के 17 जवान शहीद हुए थे जबकि 14 घायल | की छत्तीसगढ़ की यह खबर सच साबित हुई | मामले की जाँच के बाद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने 206 कोबरा बटालियन के कमांडेंट अजय दिव्यांशु को हटा दिया है | 

सुकमा में हुई पुलिस नक्सली मुठभेड़ के बाद सीआरपीएफ ने भी अपनी कोबरा बटालियन की मूवमेंट की जाँच की थी | हाल ही में सीआरपीएफ के डीजीपी और केंद्र के सुरक्षा सलाहकार के विजय कुमार ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात की थी | इस मुलाकात में प्रदेश के नक्सल प्रभावित इलाकों में एंटी नक्सल ऑपरेशन को लेकर विचार विमर्श किया गया था |

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बताया जाता है कि कमांडेंट अजय दिव्यांशु को अब सीआरपीएफ स्पेशल डीजी कार्यालय में पदस्थ किया गया है | उनके स्थान पर गुड़गांव स्थित सीआरपीएफ प्रशिक्षण के कमांडेंट अशोक स्वामी को जिम्मेदारी सौंपी गई है | इसका आदेश सीआरपीएफ मुख्यालय दिल्ली से 3 अप्रैल 2020 को जारी कर दिया गया है | हालाँकि कि दिव्यांशु कुमार स्थानांतरण आदेश मिलने के बाद 7 अप्रैल को महाराष्ट्र स्थित भंडारा में कोबरा बटालियन के मुख्यालय में कार्यभार ग्रहण करेंगे |

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