सिर्फ 1500 रूपए प्रतिमाह पर काम करने वाले कोटवारों को पिछले 4, 5 महीने का वेतन नहीं मिल पाया.

सिर्फ 1500 रूपए प्रतिमाह पर काम करने वाले कोटवारों को पिछले 4, 5 महीने का वेतन नहीं मिल पाया हैं. इसके बावजूद कोटवार गांव में शासन प्रशासन की नए आदेशों एवं अन्य जानकारियों को पहुंचा रहे हैं. सरकार ने कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिये कोटवारों की ड्यूटी भी लगाई हैं. इधर मानदेय नहीं मिलने से कोटवारों को आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा हैं. इन सभी समस्याओं को लेकर कोटवार एसोसिएशन आफ छत्तीसगढ़ द्वारा मुख्यमंत्री को पत्र लिखा गया है। जिसमें ड्यूटी में तैनात कोटवार की मृत्यु होने पर उसके परिवार के सदस्यों को तत्काल आर्थिक सहायता पहुँचाने के साथ मृतक कोटवार के पद पर नियुक्ति करने की मांग प्रमुखता से की गई है।

गौरतलब हैं की कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए शासन-प्रशासन मुस्तैदी से जुटा हुआ है। जिसमे कोटवार भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वही ड्यूटी में तैनात कोटवारों की मृत्यु होने पर उसके परिजनों को कोटवार पद पर नियुक्ति के साथ आर्थिक सहायता पहुँचाने के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखें हैं. पत्र में यह उल्लेख किया गया है कि पूरे देश में आगामी 14 अप्रैल तक लाक डाउन लागू है ऐसे में ड्यूटी के दौरान कुछ कोटवारों की मृत्यु भी हो गई है। जिससे मृतक के परिजनों का भविष्य अंधकार में नजर आ रहा है। इसके साथ ही कोटवारों की आर्थिक स्थिति दयनीय होने की बात भी कही गई है जिसको संज्ञान में लेते हुए कोटवारों के बीते चार-पांच महीनों का मानदेय तुरंत जारी करने की मांग की गई है।

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