बैंकों और कोषागारों में 3 दिन की छुट्टी की वजह से, सरकारी कर्मचारियों को देर से मिलेगा वेतन

बैंकों और कोषागारों में 3 दिन की छुट्टी की वजह से उत्तराखंड के डेढ़ लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों को अप्रैल का वेतन मिलने में देर होगी. शुक्रवार से रविवार तक बैंक व कोषागारों में छुट्टी है, इस वजह से इन कर्मियों को आगामी 14 अप्रैल तक वेतन के लिए इंतजार करना पड़ेगा. हालांकि वित्त विभाग की ओर से 1 अप्रैल को ही सभी विभागों के कर्मचारियों के लिए वेतन जारी कर दिया था, लेकिन पिछले वर्ष का बजट देर से जमा करने के कारण अप्रैल महीने का वेतन जारी करने में देर हो रही है.

देहरादून से प्रकाशित अखबार हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक नए वित्त वर्ष के पहले माह में वेतन जारी करने में देर होती ही है, लेकिन उत्तराखंड के ज्यादातर विभागों ने पिछले वर्ष का बजट देर से जमा किया. आहरण-वितरण से जुड़े कर्मचारियों द्वारा की गई इस देर का खामियाजा अब राज्य के डेढ़ लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों को भुगतना होगा. पिछले साल का लेखा-जोखा देर से मिलने और बैंकों व कोषागारों में 3 दिन की छुट्टी के कारण कर्मियों को अप्रैल के वेतन के लिए कुछ दिन और इंतजार करना पड़ेगा. हालांकि इसमें राहत की खबर यह है कि राज्य सरकार ने कह दिया है कि विधायकों और मंत्रियों की तरह कर्मचारियों के वेतन-भत्तों में कटौती नहीं होगी. आपको बता दें कि कोरोना वायरस की वजह से आए संकट को देखते हुए राज्य के विधायकों और मंत्रियों के वेतन में 30 फीसदी कटौती करने का निर्णय लिया गया है.

जीपीएफ की ब्याज दर भी घटाई

आपको बता दें कि इससे पहले उत्तराखंड सरकार ने जीपीएफ पर ब्याज दर घटाने का भी निर्णय लिया है. शुक्रवार की शाम राज्य के वित्त विभाग ने अगली तिमाही के लिए जीपीएफ की ब्याज दर घटाने का निर्णय लिया. अप्रैल माह का वेतन देर से मिलने के साथ-साथ जीपीएफ की ब्याज दर घटाने की खबरों से राज्य के सरकारी कर्मचारियों में मायूसी है. सरकार के फैसले के मुताबिक जीपीएफ यानी सामान्य भविष्य निधि फंड (और ऐसी ही अन्य निधियों पर) पर ब्याज दर अगली तिमाही के लिए घटाकर 7.1 फीसदी कर दी गई है. राज्य सरकार के वित्त विभाग के आदेश के अनुसार साल की दूसरी तिमाही यानी एक अप्रैल से 30 जून पर जीपीएफ पर 7.1 फीसदी ब्याज मिलेगा.

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