मदद करने दिव्यांग्यता आड़े नहीं आई, शारीरिक सेवा न सही दान राशि दे कर निभाया फर्ज

माना स्कूल के शिक्षक नरेन्द्र मिश्रा ने डोनेशन ऑफ व्हील्स को फोन कर घर बुलाया और दिया दान

रायपुर 14 अप्रैल 2020/ सोशल मीडिया से लगातार जुड़े रह कर देश दुनिया की जानकारी हासिल करने वाले शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला माना बस्ती के शिक्षक नरेन्द्र मिश्रा वाणिज्य के छात्रों को पढ़ाते हैं। जन्म के 9 महीने बाद वे पोलियो से ग्रस्त हो गए थे। वे शारीरिक रुप से 90 प्रतिशत दिव्यांग है। बचपन से मुश्किलों में जीने वाले नरेन्द्र मिश्रा कोरोना महामारी के संकट की ऐसी स्थिति में काफी संवेदनशील और भावुक हैं। वे कहते हैं छत्तीसगढ़ राज्य में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनकी सरकार ने समय रहते काफी अच्छा कदम उठाया और कोरोना महामारी को नियंत्रित करने में काफी प्रभावी कदम उठाया है। इसके कारण हमारा राज्य काफी सुरक्षित है।

नरेन्द्र मिश्रा कहते हैं कि आज जो हालात है उससे मन द्रवित होता है। ऐसे में जो रोज काम कर अपना पेट भरते हैं उनके लिए ये सबसे बड़े मुश्किल भरे दिन हैं। दिव्यांग होने के कारण वे घर से बाहर निकल कर लोगों की मदद तो नहीं कर सकते हैं। किन्तु जैसे ही उन्हें व्हॉट्सग्रुप से पता चला कि रायपुर के कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन ने जरुरतमंदों के लिए रायपुर शहर के दानदाताओं से राशन के राहत पैकेट या उसके मूल्य के बराबर की राशि सहयोग के रुप में देने की अपील की है तो उन्होंने तुरंत जिला प्रशासन की डोनेशन ऑन व्हील्स को फोन कर 21 सौ रुपए नगद दान दिया। हिन्दी साहित्यकारों और धार्मिक पुस्तकों का नियमित अध्ययन करने वाले नरेन्द्र मिश्रा ने राजातालाब स्थित अपने घर में एक छोटी सी लाईब्रेरी बना रखी है। जिसमें लगभग सौ किताबें है। माना के स्कूल में वे कक्षा 11 व 12 के छात्रों को पढ़ाते हैं। इन दिनों वे 11वी में प्रमोट हुए छात्रों को स्कूल बंद होने के कारण व्हॉट्स अप के माध्यम से 3-3 मिनट के वीडियों बना कर छात्रों को पढ़ा रहे हैं। वे एक अध्याय के लिए 4 वीडियों बना चुके हैं। उनके साथ उनकी शाला के 2 और शिक्षक भी अपने छात्रों को मोबाईल के माध्यम से पढ़ा रहे हैं। पर इस तरह का पढ़ाने की यह अभी शुरुआत भर है। जैसे जैसे अनुभव होगा वे और बेहतर ढ़ंग से पढ़ा सकेंगे। वे एक दिव्यांग सगंठन “सक्षम” से भी जुड़े हुए हैं। इस संगठन के माध्यम से वे कई ऐसे दिव्यांगों को जीवन के प्रति लगातार प्रेरित करते हैं जो अपनी जिन्दगी एक कमरे में ही बिता देते हैं। देश व्यापी कोरोना महामारी के संकट की स्थितियों में आम लोगों के रवैये से दुखी नरेन्द्र कहते हैं कि लोगों को खुद समझाना चाहिए और एक दूसरे को सहयोग करना चाहिए। जिला प्रशासन के आपातकालीन खानपान व्यवस्था के नोडल अधिकारी डॉ. गौरव कुमार सिंह ने दिव्यांग नरेन्द्र मिश्रा के ऐसी मानवीय भावनाओं को दूसरों के लिए अनुकरणीय बताया।

फूडसेल/जनसंपर्क/14.04.2020/तेजपाल-आशीष

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