पीएम की मुख्यमंत्रियों संग वीडियो कांफ्रेंसिंग: अधिकांश अर्थिक गतिविधियां बढ़ाए जाने के पक्ष में

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नई दिल्ली। कोरोना संकट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज फिर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत की। सूत्रों के मुताबिक हिमाचल और मेघालय को छोड़कर बाकी राज्य लॉकडाउन को खत्म करने के पक्ष में नजर आए। अधिकांश मुख्यमंत्रियों ने अपने राज्य में आर्थिक गतिविधियां बढ़ाए जाने की जरूरत बताई, ताकि लचर हो चुकी अर्थव्यवस्था को वापस पटरी पर वापस लाया जा सके।

प्रधानमंत्री की मुख्यमंत्रियों के साथ यह तीसरी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग थी। बैठक में शामिल होने वाले मुख्यमंत्रियों में अरविंद केजरीवाल (दिल्ली), उद्धव ठाकरे (महाराष्ट्र), शिवराज सिंह चौहान (मध्यप्रदेश), भूपेश बघेल (छत्तीसगढ़), ईके पलानीस्वामी (तमिलनाडु), कोनराड संगमा (मेघालय) त्रिवेंद्र सिंह रावत (उत्तराखंड) और योगी आदित्यनाथ (उत्तर प्रदेश) शामिल थे। बैठक में प्रधानमंत्री सफेद और हरे रंग के बॉर्डर वाले गमछे से अपना मुंह ढंके हुए दिखे। बैठक तीन बिन्दुओं पर केन्द्रित रही- पहला राज्यों में कोरोना संक्रमण की मौजूदा स्थिति और रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयास, दूसरा 20 अप्रैल से गृह मंत्रालय द्वारा प्रदत्त छूटों के क्रियान्वयन पर राज्यों का फीडबैक और तीसरा 3 मई के बाद की क्या रणनीति हो।ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि वह लॉकडाउन जारी रखने के पक्ष में हैं, लेकिन यह भी महत्वपूर्ण है कि आर्थिक गतिविधियों को इजाजत दी जाए। पटनायक ने कहा- मैं केंद्र सरकार से विनती करता हूं कि हम अर्थव्यवस्था के उपायों को शुरू करें क्योंकि हम बीमारी पर लगाम लगाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि पर्यटन और तीर्थयात्री लॉकडाउन से बहुत प्रभावित हुए हैं। लॉकडाउन शिथिल होने पर हम जल्द ही अपने उद्योग और अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित कर पाएंगे। सभी एहतियाती उपायों पर ध्यान केंद्रित करने के साथ, व्यापार और व्यापार गतिविधियां चरण-वार तरीके से शुरू होनी चाहिए। हमें धीरे-धीरे स्थिति को सामान्य करने के लिए लोगों के जीवन को आसान बनाना होगा।  मिजोरम के मुख्यमंत्री ने इस बारे में बात की कि लॉकडाउन के बाद केंद्र के निर्देशों का किस तरह पालन होगा। मेघालय के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी से लॉकडाउन को तीन मई के आगे बढ़ाने का सुझाव दिया। पांडुचेरी के मुख्यमंत्री वी. नारायण सामी ने राज्य के स्वास्थ्य संबंधी योद्धाओं के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) और अन्य चिकित्सा उपकरण प्रदान करने के लिए केंद्र के हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने तीन मई को लॉकडाउन खत्म होने पर उद्योग शुरू करने की इच्छा व्यक्त की और कोविद -19 से लड़ने के लिए भारत सरकार से वित्तीय सहायता मांगी।

कोरोना वायरस को लेकर जारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन शामिल नहीं हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने अपने सुझाव लिखित में दिए हैं। बैठक में गृह मंत्री अमित शाह और स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्षवर्धन के अलावा प्रधानमंत्री कार्यालय एवं अन्य संबद्ध मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने शिरकत की। देश में कोरोना संकट की शुरुआत के बाद 22 मार्च से अब तक प्रधानमंत्री राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ चार बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर चुके हैं।

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