एपीएसईजेड वित्त वर्ष 20 और वित्त वर्ष की चौथी तिमाही का परिणाम

मुख्‍य बातें
• राजस्व – 11.9 हजार करोड़
• ईबीआईटीडीए – 7.6 हजार करोड़
• कार्गो वॉल्‍यूम में वृद्धि 7%
• परिचालन राजस्व वृद्धि 9%
• समेकित ईबीआईटीडीए*में 7% की वृद्धि
• समेकित ईबीआईटीडीए मार्जिन 64%
• ईबीआईटीडीएके लिए शुद्ध ऋण 2.9x
• आरओसीई 12.6%

अहमदाबाद, 5 मई 2020: भारत की सबसे बड़ी एकीकृत लॉजिस्टिक्स कंपनी और अदाणी ग्रुप का हिस्‍सा, अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (“एपीएसईजेड”), ने आज चौथी तिमाही और 31 मार्च, 2020 को समाप्त हुए वर्ष के अपने परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन की घोषणा की।

परिचालन राजस्व (वर्ष दर वर्ष):-
 पोर्ट राजस्व में 8% की वृद्धि और लॉजिस्‍टिक राजस्व में 65% की वृद्धि की वजह से, 9% की वृद्धि दर्ज करते हुए ऑपरेटिंग राजस्व वित्त वर्ष 19 के 10,925 करोड़ रुपये के मुकाबले वित्त वर्ष 20 में 11, 873 करोड़ रुपये हुआ।
समेकित ईबीआईटीडीए*(वर्ष दर वर्ष):-
 कार्गो आय में 7% की वृद्धि और लॉजिस्‍टिक ईबीआईटीडीएमें 159% की वृद्धि की वजह से, 7%की वृद्धि दर्ज करते हुए ईबीआईटीडीए बढ़कर वित्त वर्ष 19 के 7,067 करोड़ रुपये के मुकाबले वित्त वर्ष 20 में 7,565 करोड़ रुपये हो गया।
समेकित पीबीटी और पीएटी (वर्ष दर वर्ष) :-
 टैक्‍स देने से पहले लाभ वित्त वर्ष 19 के 5,126 करोड़ रुपये के मुकाबले वित्त वर्ष 20 में 4,244 करोड़ रुपये था। बाजार में फॉरेक्स मार्क टू मार्केट की वजह से 1,626 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
 इसी तरह, टैक्‍स देने के बाद लाभ वित्त वर्ष 19 के4,006 करोड़ रुपये की तुलना में वित्त वर्ष 20 में 3,800 करोड़ रुपये था। बाजार में फॉरेक्स मार्क टू मार्केट के कारण 1,626 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। हालांकि, एमटीएम अकाउंटिंग के लिए कोई नकदी प्रवाह प्रभाव नहीं है।
 वित्त वर्ष 20 के लिए ईपीएस 18.35 रुपये रहा।
 ईबीआईटीडीएका शुद्ध ऋण2.9x पर बना हुआ है जोकि 3x से लेकर 3.5x तक के वांछित स्तर से बेहतर है।

 बैलेंस शीट में मजबूती बनी हुई है और हमारे सभी क्रेडिट मेट्रिक्स निर्धारित रेंज में हें या बेहतर हैं।
परिचालनात्मक मुख्‍य बातें वित्त वर्ष 20:- (वर्ष दर वर्ष के आधार पर)
 कार्गो थ्रूपुट 7% की वृद्धि के साथ 223 एमएमटी रहा।
 हैंडल्‍ड रिकॉर्ड कंटेनर वॉल्‍यूम 6.25 मिलियन टीईयू रहा और इस प्रकार 8% की वृद्धि दर्ज की गई।
 मुंद्रा अब तक का सबसे बड़ा कमर्शियल बंदरगाह बना रहा, जो वर्ष के दौरान 139 एमएमटी कार्गो वॉल्‍यूम संभालता है।

 वर्ष के दौरान, धामरा बंदरगाह ने 44% की रिकॉर्ड कार्गो वृद्धि दर्ज की और अपनी स्‍थापना से ही ~ 30 एमएमटी के उच्चतम कार्गो वॉल्‍यूम को संभाला है।
 हम परिसंपत्तियों के वितरण और भीतरी इलाकों तक पहुंच के संदर्भ में पूर्वी तट और पश्चिमी तट के बीच समानता प्राप्त करने की दिशा में काम कर रहे हैं। वित्तीय वर्ष 20 में हैंडल्‍ड वॉल्‍यूम के संदर्भ में यह वित्त वर्ष 19 के 15%:85% के मुकाबले 20%:80% है।
 लॉजिस्टिक्स का कारोबार इस अवधि में काफी बढ़ा है, रेल वॉल्‍यूम में 115% की वृद्धि हुई है।
 एएलएल वर्तमान में सभी 60 रेक संचालित करता है और यह भारत में सबसे बड़ा निजी रेल ऑपरेटर है।
एपीएसईजेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और पूर्णकालिक निदेशक श्री करण अदाणी ने बताया कि “विविधता लाने और सभी प्रकार के कार्गो को संभालने की क्षमता वाली हमारी रणनीति ने हमें एक और वर्ष में मजबूती के साथ परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन करने और परिणाम देने में सक्षम बनाया है। वित्त वर्ष 20 में, हमने अपने कार्गो पोर्टफोलियो में एलएनजी और एलपीजी को शामिल किया। हमने अपनी स्‍वयं की रेक के माध्यम से अपने बंदरगाहों से कनेक्टिविटी, अंतर्देशीय मालवाहक टर्मिनलों, वेयरहाउसिंग सॉल्यूशंस में वृद्धि करते हुए और अंतिम छोर पर मौजूद उपभोक्‍ता पर ध्यान केंद्रित करते हुए अपने लॉजिस्टिक फुटप्रिंट्स को बढ़ाया है। यह हमें अपने ग्राहकों को एक एकीकृत लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदान करने और उन्हें हमारे बंदरगाह गेट तक लाने में सक्षम बनाता है।

एक रणनीति के रूप में, हम हमेशा 2x की लिक्‍विडिटी कवर बनाए हुए हैं। वित्त वर्ष 2019 में, हम अपनी परिचालन लागत कम कर देंगे और कैपेक्स को 2,000 करोड़ रुपये तक घटायेंगे। अपने व्‍यवसाय से नकदी के संरक्षण, उच्च मुक्त नकदी प्रवाह पैदा करने और आरओसीई को बढ़ाने पर हमारा ध्‍यान रहेगा।

कोविड-19 के प्रसार के कारण पैदा हुई वर्तमान स्थिति को देखते हुए, हम हमारे सभी बंदरगाहों पर भारत सरकार की परिचालन प्रक्रियाएँ को लागू कर रहे हैं, जिसमें कार्यबल की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सुरक्षित कार्य वातावरण के लिए, परिचालन स्टाफ को आवश्यक व्यवस्था करते हुए बंदरगाहों पर क्‍वारैंटीन किया जाता है। स्वच्छता, कार्यस्थलों और साइट की स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता है और हमने 100% थर्मल स्कैनिंग लागू किया है। हमारे अधिकांश प्रशासनिक कर्मचारी घर से काम कर रहे हैं।

बंदरगाह आवश्यक सेवाओं के अंतर्गत आते हैं और इसलिए हमारे सभी बंदरगाह संकट की इस घड़ी में कुशलतापूर्वक काम कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखला नहीं रुके।”

अदाणी पोर्ट्स और विशेष आर्थिक क्षेत्र (स्‍पेशल इकोनॉमिक जोन) के बारे में
विश्व स्तर पर फैले अदाणी ग्रुप का एक हिस्सा, अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (एपीएसईजेड), भारत की सबसे बड़ी एकीकृत लॉजिस्टिक्स कंपनी है। दो दशकों से भी कम समय में, कंपनी ने पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स सेवाओं में शानदार उपस्थिति दर्ज की है। तटीय क्षेत्रों और विशाल भीतरी इलाकों से कारगो की विशाल मात्रा की हैंडलिंग करते हुए, रणनितिक रूप से मौजूद एपीएसईजेड के 11 बंदरगाह और टर्मिनल- गुजरात में मुंद्रा, दाहेज, कांडला और हजीरा, ओडिशा में धामरा, गोवा में मारमुगाओ, आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम, और चेन्नई में कट्टुपल्ली और एन्नोर – देश की कुल बंदरगाह क्षमता के 24% प्रतिनिधित्व करते हैं। कंपनी विजिंजम, केरल में एक ट्रांसशिपमेंट पोर्ट और म्यांमार में एक कंटेनर टर्मिनल भी विकसित कर रही है।

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