राजनांदगांव : नमक की कालाबाजारी और अधिक मूल्य में नमक बेचने के संबंध में कलेक्टर के निर्देश पर दुकानों का किया गया निरीक्षण

लिखित बयान प्राप्त नहीं होने पर सील बंद किए गए दुकानों को खोला गया
कलेक्टर ने आम जनता से अपील कि – कालाबाजारी, जमाखोरी एवं मूल्य वृद्धि से बचने के उपायों में जिला प्रशासन का सहयोग करें
आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत आने वाली वस्तुओं का स्टाक एवं मूल्य प्रदर्शित नहीं करने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी
सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से सूचना, शिकायत एवं अफवाह फैलाने से बचे

 

राजनांदगांव 12 मई 2020

कलेक्टर श्री जयप्रकाश मौर्य ने कहा कि जिले में 11 मई को सोशल मीडिया के माध्यम से नमक की कमी, नमक की कालाबाजारी, अधिक मूल्य में नमक बेचने के संबंध में सूचना प्राप्त हुई थी। इस संबंध में जिला खाद्य अधिकारी एवं उनके टीम के द्वारा 32 दुकानों में गुप्त रूप से नमक की खरीदी की गई। जिसमें से 2 दुकानों में प्राथमिक तौर पर शिकायत सही पाये जाने की आशंका व्यक्त की गई थी। आज 12 मई 2020 तक जिले के सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारी के कार्यालय में 12 बजे तक ऐसे सभी व्यक्ति जिन्होंने अधिक मूल्य पर नमक की खरीदी की है ऐसे खरीददारों से लिखित में बयान देने के लिए आहुत किया गया था। परन्तु कोई भी व्यक्ति बयान देने नहीं पहुंचा। जिससे नमक के अधिक मूल्य में बिक्री एवं कालाबाजारी के संबंध में पुष्टि नहीं हो सकने के कारण सील बंद किये गये दोनों दुकानों को खोल दिया गया। खाद्य विभाग की टीम द्वारा जिले की कुछ गोदामों एवं थोक दुकानों का भी निरीक्षण किया गया।
कालाबाजारी, जमाखोरी एवं मूल्य वृद्धि को रोकने के लिये जिला प्रशासन सहयोग की अपेक्षा करता है। कोई व्यक्ति यदि ऐसे किसी भी वस्तु का क्रय करता है जिसमे अधिकतम खुदरा मूल्य अंकित है तो उससे अधिक मूल्य पर सामग्री का क्रय न करें। यदि अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक मूल्य पर सामग्री क्रय करता है तो दुकान संचालक से रसीद अवश्य प्राप्त करे। यदि ऐसी कोई सामग्री क्रय करता है जिसमे अधिकतम खुदरा मूल्य अंकित नहीं है तथा दुकानदार द्वारा सामान्य से बहुत अधिक मूल्य में सामग्री बेच रहा है, तो उसकी लिखित में सूचना अनुविभागीय दण्डाधिकारी के कार्यालय में दें। सभी दुकान संचालकों को आदेश दिया जाता है कि ऐसी सामग्री जो खुले में बेचेंगे अथवा जिसमें अधिकतम खुदरा मूल्य अंकित नहीं है, ऐसे वस्तुओं का मूल्य अपने दुकान के सामने प्रदर्शित करें। ऐसी वस्तुएं जो आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत आती है उन वस्तुओं के संबंध में दुकान संचालक को वस्तुओं का स्टाक एवं मूल्य प्रदर्शित किया जाना अनिवार्य होगा अन्यथा आवश्यक वस्तु अधिनियम तथा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से किसी भी प्रकार की सूचना, शिकायत एवं अफवाह फैलाने से बचें। इस प्रकार के कृत्य करने वालों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जा सकती है। आम जनता से अनुरोध है कि कालाबाजारी, जमाखोरी एवं मूल्य वृद्धि से बचने के उपायों में जिला प्रशासन का सहयोग करें।
क्रमांक 62- उषा किरण

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