बालोद: जिला प्रशासन और पुलिस कार्रवाई से नाराज हजारों आदिवासियों ने किया उग्र प्रदर्शन, पुलिस के साथ झुमा-झटकी

By: जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज

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बालोद: जिला प्रशासन और पुलिस कार्रवाई से नाराज हजारों आदिवासियों ने किया उग्र प्रदर्शन, पुलिस के साथ झुमा-झटकी

जिला प्रशासन की कार्यशैली से नाराज आदिवासी समाज के हजारों लोगों ने रैली निकालकर अपना अधिकार मांगा। इस दौरान पुलिस के साथ उनकी झुमा-झटकी भी हो गई। (tribal society protest in Balod)

बालोद. सर्व आदिवासी समाज ने आदिवासियों के प्रकरण को लेकर जिला और पुलिस प्रशासन के खिलाफ बुधवार को उग्र प्रदर्शन किया। जिला प्रशासन की कार्यशैली से नाराज आदिवासी समाज के हजारों लोगों ने रैली निकालकर अपना अधिकार मांगा। इस दौरान पुलिस के साथ उनकी झुमा-झटकी भी हो गई। बालोद नया बस स्टैंड में पहले धरना प्रदर्शन किया। जिसमें कई बड़े नेता और समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। उसके बाद रैली निकालकर वे सड़क पर निकल पड़े। फिलहाल प्रदर्शनकारी जिला मुख्यालय में डटे हुए हैं। वहीं अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। दूसरी ओर जिला प्रशासन के अधिकारी समाज के पदाधिकारियों से बात करने की कोशिश कर रहे हैं।

इसलिए नाराज आदिवासी समाज
अध्यक्ष गजांनाद प्रभाकर ने बताया कि जिले में आज भी आदिवासी समाज उपेक्षित हैं। सामाजिक प्रकरणों के निराकरण के लिए जो भी ज्ञापन देते हैं, उसमें कार्रवाई नहीं की जाती है, जो गलत है। हाल ही में जिला मुख्यालय के टंडन लाल कावरे के मकान को बिना किसी सूचना के ही 13 अगस्त को एसडीएम के निर्देश पर तोड़ दिया गया। एसडीएम ने कोई पेशी नहीं बुलाई और कार्रवाई कर दी।

बड़ा देव शक्तिपीठ परिसर में घुसकर पुलिस टीम ने भी आपराधिक तत्वों के साथ आकर शक्तिपीठ के पदाधिकारियों को धमकाया। ग्राम कन्नेवाड़ा में जगमोहन के मकान को अवैध कब्जा बताकर तोड़वा दिया जबकि साल 2001 में उसे जमीन का पट्टा भी मिला। भवन जर्जर होने के कारण कच्चे मकान की जगह पक्का बनाया था, उसे अवैध कब्जा मानकर तोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि अब आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार को नहीं सहेंगे। अपने हक की लड़ाई लड़ेंगे।बालोद: जिला प्रशासन और पुलिस कार्रवाई से नाराज हजारों आदिवासियों ने किया उग्र प्रदर्शन, पुलिस के साथ झुमा-झटकी

कलेक्टर ने नहीं दिया लिखित आश्वासन 
पुलिस व जिला प्रशासन के विरोध में प्रदर्शन करने की खबर के बाद दो दिन पहले कलेक्टर जनमजेय महोबे ने सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारियों की बैठक लेकर उनकी मांगों पर पहल करने की बात कही। लेकिन समाज के पदाधिकारियों ने कलेक्टर से लिखित रूप में पहल होने को जानकारी मांगी। लिखित रूप से जवाब नहीं मिला। इसलिए बुधवार को हजारों की संख्या में पहुंचकर समाज के लोगों ने उग्र आंदोलन किया।