जगदलपुर : धान फसल की कीट-व्याधि आदि के नियंत्रण हेतु 50 प्रतिशत अनुदान

जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज

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कृषि विभाग की हरित क्रांति विस्तार योजनान्तर्गत धान फसल की कीट-व्याधि आदि के नियंत्रण हेतु 50 प्रतिशत अनुदान पर अधिकतम 02 हेक्टर क्षेत्र के लिए अधिकतम एक हजार रूपए का अनुदान देय होगा। कृषक अपने निकटतम निजी अनुज्ञप्ति धारी दुकानों से दवा खरीदी कर सकते है। अनुदान राशि का भुगतान डी.बी.टी. के माध्यम से कृषकों के खातों में हस्तांतरण किया जाएगा। इसके लिए कृषक दवाई के बिल के साथ आवश्यक दस्तावेज भरकर ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के माध्यम से वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के कार्यालय में जमा कर सकते हैं। साथ ही कृषि विभाग द्वारा खरीफ फसलों में रोग नियंत्रण करने हेतु किसानों को सलाह दिया जा रहा है।

उप संचालक कृषि ने बताया कि बस्तर जिले में वर्तमान तापमान में वृद्धि एवं आर्द्रता की अधिकता के कारण खरीफ फसलों जैसे-धान फसल झुलसा रोग, पाली मोडक पर भूरामाहो की कहीं-कहीं प्रकोप पाई गई है। झुलसा रोग नियंत्रण हेतु प्रोपिकोनाजोल एक मिली. प्रति लीटर पानी या ट्राईसाइक्लोजॉल एक ग्राम प्रति लीटर पानी या ट्राइलोफ्टीस्ट्रेबिन-टेबुकोनाजाॅल (नेटिवो 75 वीपी) 04 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिडकाव करें। पत्ती मोडक कीट नियंत्रण हेतु क्लोरोपायरीफॉस 50  EC+EC सायपरमेथ्रीन 1.5 मिली. दया प्रति लीटर पानी मिलाकर पिजकार करें।

हरा, भूरामाहो के नियंत्रण हेतु इमिडाक्लोप्रिड 17.8  SL   एक मि.ली. दवा प्रति लीटर पानी गिलाकर छिड़काव करें। मक्का फसल के फॉलआर्मीवर्म कीट के नियंत्रण हेतु इमेटीन वेंजोएट 0.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। प्रभावी कीट-व्याधि के नियंत्रण हेतु प्रति हेक्टर 500 लीटर पानी का उपयोग उक्त लिखित सान्द्रता का घोल बनाने हेतु करें। कृषक फसलों की सतत् अवलोकन करें जिससे कीट-व्याधियों के प्रारंभिक अवस्था में ही पहचान कर उनका त्वरित निदान किया जा सकता है