छत्तीसगढ़ में सरकारी बिजली कंपनियों की संख्या कम करने की कवायद तेज, सरकार ने प्रस्ताव का विश्लेषण करने के लिए एक निजी कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी

जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज

बता दें कि वर्ष 2009 में राज्य में बिजली वितरण कंपनी को पांच अलग-अलग कंपनियों में बांट दिया गया था। इन्हें होल्डिंग, ट्रेडिंग, उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण की अलग अलग जिम्मेदारी थी। फिलहाल होल्डिंग कंपनी को ट्रांसमिशन कंपनी और ट्रेडिंग कंपनी को वितरण कंपनी में शामिल करने का प्रस्ताव है। सरकार निजी कंपनी के माध्यम से इस फैसले के होने वाले असर का अध्ययन करा रही है। इस बीच शुक्रवार को पावर होल्डिंग कंपनी के कार्यपालक निदेशक (एचआर) एचके पांडेय ने एक आदेश जारी कर उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है। कमेटी में पांचों कंपनियों के ईडी, जीएम और डीजीएम रैंक के अफसरों को रखा गया है।

छत्तीसगढ़ में सरकारी बिजली कंपनियों की संख्या कम करने की कवायद तेज हो गई है। सरकार ने प्रस्ताव का विश्लेषण करने के लिए एक निजी कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी है। वरिष्ठ अफसरों की 13 सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी भी बनाई गई है। कंपनियों की संख्या कम करने की यह प्रक्रिया 31 मार्च 2021 तक पूरी की जानी है।