बालोद जिले के इस गांव में मनाई जाएगी अनूठी दिवाली, जो होने वाला है बेटियां के लिए है खास, क्या है अनूठी दिवाली मनाने का वजह, देखें खबर

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बालोद।
जिले के बालोद ब्लॉक के ग्राम जगन्नाथपुर में यादव परिवार द्वारा “बेटी है तो कल है” थीम पर इस बार भी दिवाली मनाई जाएगी। यह आयोजन व्यक्तिगत ना होकर सार्वजनिक होती है ताकि बेटियों के सम्मान में पूरा गांव जुड़ सके और उसी उद्देश्य को लेकर यादव परिवार द्वारा गांव के हर घर 5-5 मिट्टी का दीपक बांटा जाता है। पिछले साल 2019 से इस पहल की शुरुआत की गई थी। ताकि लोगों का नजरिया बदल सके और बेटा बेटी एक समान की भावना को बढ़ावा मिले। इस पहल को इस साल भी आगे बढ़ाया जा रहा है और इसकी तैयारी शुरू हो गई है। कोरोना के खतरे को ध्यान में रखते हुए इस बार भीड़ ना जुटाकर दूरी बनाते हुए यह दीप उत्सव होगा। कोरोना से जीतने मास्क लगाए, 2 गज दूरी अपनाएं, बेटियों के सम्मान में इस दिवाली में 5-5 दीपक जलाए,,, इस नारे के साथ इस बार का आयोजन हो रहा है। जिसकी तैयारी शुरू हो गई है।

धनतेरस से भाई दूज तक जलता है दीपक

ज्ञात हो कि इस थीम के तहत दिवाली में धनतेरस के दिन से ही बेटियों के सम्मान में दीप जलाने का सिलसिला शुरू होता है। जो कि भाई दूज यानी माता उत्सव तक जलाया जाता है। 5 दिन 5 दीए बेटियों के नाम से जगमगाता है। लोग गांव में घरों के सामने रंगोली बनाकर यह दीया जलाते हैं और बेटियों को प्रोत्साहित करते हैं।

दिवाली से पहले घर घर बांटा जाएगा दीया

ज्ञात हो कि पिछले साल की तरह इस बार भी दिवाली से पहले घर घर जाकर यादव परिवार द्वारा दीपदान किया जाएगा। यादव परिवार की मुखिया मधु लता यादव ने बताया कि जब उनके बेटे दीपक व बहु माधुरी को दूसरी संतान के रूप में बेटी प्राप्त हुई तो बेटी को लक्ष्मी स्वरूप मानकर उन्होंने जब अस्पताल से तीनों घर आए तो आरती उतारकर प्रवेश किया गया था। इसके अलावा जब नामकरण संस्कार हुआ तब बेटी की ओर से ही कार्ड जारी करके बेटी है तो कल है थीम पर लोगों को बेटियों को बढ़ावा देने प्रोत्साहित किया गया था। इस पहल को आगे बढ़ाने 2019 से दिवाली में बेटियों के सम्मान में दीया जलाने की शुरुआत की गई। जिसे अनवरत जारी रखा जाएगा और उस संकल्प को दोहराते हुए इस साल भी हम गांव के हर आंगन में बेटियों के सम्मान में दीपक जलाएंगे और ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसमें जोड़ने उन्हें प्रोत्साहित करने की कोशिश करेंगे।

अभियान से मिली थी कईयों को प्रेरणा, दूसरे गांव में भी जले थे बेटियों के नाम से दीपक

बता दें कि जब 2019 में इस अभियान की शुरुआत की गई तो यह अभियान सिर्फ जगन्नाथपुर तक ही नही सिमटा बल्कि इससे बालोद सहित बलौदा बाजार, दुर्ग व अन्य जिलों के लोग भी प्रेरित हुए और दिवाली पर बेटियों के सम्मान में दीया जलाए गए। कई गांव में तो जवान और किसान के नाम से भी दीपक जले। लोगों में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने के लिए यह पहल की जाती है। ताकि समाज में बेटी बेटा का फर्क दूर हो।FacebookTwitterPinterestWhatsAppGmailShare