65 वां वार्षिक रेलवे राष्ट्रीय पुरस्कार 2020

65th Annual Railway National Award 2020

रायपुर-06 नवम्बर,2020/ Jiwrakhan lal Ushare cggrameen nëws

रेलवे राष्ट्रीय पुरस्कार से रायपुर रेल मंडल से वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक एवं मंडल विद्युत इंजीनियर पुरस्कृत होंगे

रायपुर रेल मंडल परिचालन के क्षेत्र में 10 वे स्थान से 8वें स्थान

98 एनाकोंडा माल गाड़ियों के सफलता पूर्वक परिचालन की उपलब्धि

प्रतिदिन 1713 वैगनो का लदान कर विशिष्ट कीर्तिमान हासिल

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर रेल मंडल के दो वरिष्ठ अधिकारियों को रेलवे राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित होने पर मंडल रेल प्रबंधक श्री श्याम सुंदर गुप्ता ने हर्ष व्यक्त किया। मंडल रेल प्रबंधक के दिशा निर्देशन में कार्य योजना अनुसार मंडल की विकासात्मक गति को देखते हुए वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक डॉ प्रकाश चंद्र त्रिपाठी एवं मंडल विद्युत इंजीनियर शशांक कोष्टा को 65 वां वार्षिक रेलवे राष्ट्रीय पुरस्कार 2020 से समानित किया जाएगा।

यह पुरस्कार रायपुर रेल मंडल द्वारा विशिष्ट कीर्तिमान हासिल करने हेतु उनका चयन किया गया है।
रायपुर रेल मंडल परिचालन के क्षेत्र में 10 वे स्थान से 8वें स्थान पर आ गया है। वही विगत वर्ष कम क्षेत्र का मंडल होने के बावजूद 35.75 मिलियन टन लदान कर कीर्तिमान हासिल किया, देश में सर्वप्रथम 03 माल गाड़ियों को जोड़कर एनाकोंडा गाड़ी चलाने का कीर्तिमान दर्ज है। अब तक रायपुर रेल मंडल सफलतापूर्वक लगभग 98 एनाकोंडा माल गाड़ियों का परिचालन कर चुका हैं। अप्रैल-मई की कठिन परिस्थितियों में कम लोडिंग के बाद से अभिनव प्रयास कर नए ग्राहकों को रेल की ओर आकर्षित करने में सफलता हासिल की सितंबर माह में पिछले वर्ष के मुकाबले 35% अधिक एवं अक्टूबर माह में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 65% अधिक लदान हासिल करने में सफलता अर्जित की है यह वृद्वि कोल, फ़ूडग्रेन, ऑइल, सीमेंट,क्लिंकर, डोलोमाइट, लौह अयस्क, तथा नए स्टील ग्राहकों को जोड़कर प्राप्त की जा सकी है ।
2019- 20 फरवरी माह में प्रतिदिन 1713 वैगनो का लदान कर विशिष्ट कीर्तिमान हासिल कर ऐतिहासिक लोडिंग की थी।

श्री शशांक कोष्टा डिविजनल इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के रूप में पदस्थ है, भिलाई इलेक्ट्रिक लोको शेड ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। उनके मार्गदर्शन में शेड लगभग 300 लोको का रखरखाव कर रहा है और लोकोमोटिव में नई सुविधाओं की शुरुआत की है जैसे –

  1. DPWCS (डी पी डब्लू सी) दो से अधिक लोको को वायरलेस तरीके से जोड़ता है और दो या दो से अधिक गाड़ियों को एक साथ चलाने के लिए उपयोग किया जाता है। इस सुविधाओं के माध्यम से एनाकोंडा रेक चलाया जाता है।
  2. कोचिंग लोको में होटल लोड – जो रोशनी के रूप में हरित ऊर्जा में योगदान देता है और कोच के प्रशंसक भी ट्रेन के लोको द्वारा संचालित होते हैं और इसलिए ट्रेनों के अंत में जनरेटर (डी जी) सेटों को समाप्त किया जा सकता है जो शोर करते हैं और वायु प्रदूषण का कारण बनते हैं। हेड ऑफ जनरेशन से रायपुर रेल मंडल में माल गाड़ियों एवं यात्री गाड़ियों को चलाया जा रहा है लगभग 55 में से 38 लोको ने हेड ऑफ जनरेशन की सुविधा दे दी गई है
  3. आरटीआईएस – लोको की सटीक जीपीएस स्थिति को बताता है और इस प्रकार ट्रेन ट्रैकिंग ऐप्स जैसे कि मायट्रेन, एनटीईएस आदि की सटीकता में वृद्धि हुई है।
  4. लोको में विज्ञापनों के माध्यम से रेलवे के लिए गैर-किराया राजस्व उत्पन्न।
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