वनांचल के खडग़ांव में भी अब गूंजेंगी सेहतमंद किलकारियां

December 2, 2020 Jiwrakhan lal Ushare cggrameen nëws

राजनांदगांव। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव के लिए जिले में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में राजनांदगांव जिले के वनांचल क्षेत्र मानपुर परियोजना के ग्राम खडग़ांव की गर्भवती महिलाओं को भी सुरक्षित प्रसव करवाने के लिए अब चिंतित नहीं होना पड़ेगा। वनांचल के दूरस्थ गांवों की महिलाओं की सुविधाओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए खडग़ांव में गर्भवती वुमेन केयर सेंटर शुरू किया गया है। खडग़ांव में शुरू किए गए गर्भवती वुमेन केयर सेंटर में विशेषकर गर्भवती महिलाओं व शिशुवती माताओं के लिए जांच, परामर्श व उपचार की हरसंभव उत्कृष्ट व्यवस्था रहेगी। महिलाओं व शिशुओं की सेहत के प्रति संवेदनशील महिला एवं बाल विकास विभाग का मानना है कि, सुरक्षित प्रसव करवाने के लिए समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाने वाली गर्भवती महिलाओं के लिए गर्भवती वुमेन केयर सेंटर काफी सुविधाजनक होगा। यह वुमेन केयर सेंटर जिले के महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा जनपद पंचायत के सामंजस्य से शुरू किया गया है, जिसका शुभारंभ संसदीय सचिव इंद्रशाह मंडावी की अध्यक्षता में किया गया। वुमेन केयर सेंटर में गर्भवती महिलाओं व शिशुवती माताओं को जांच, परामर्श व उपचार से संबंधित समुचित सुविधा प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है। केयर सेंटर के शुभारंभ अवसर पर महिलाओं व बच्चों के पोषण से संबंधित खाद्य सामग्रियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग की राजनांदगांव जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने बताया, गर्भवती महिलाओं का सुरक्षित प्रसव करवाने के साथ ही संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इस दिशा में समय-समय पर विभिन्न जागरुकता अभियान के माध्यम से भी गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित किया जाता है। इसी कड़ी में ग्राम खडग़ांव में गर्भवती वुमेन केयर सेंटर शुरू किया गया है। केयर सेंटर शुरू करने का सबसे पहला फायदा यह होगा किए वनांचल क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव करवाने के लिए अब परेशान होकर भटकना नहीं पड़ेगा। केयर सेंटर में ही उन्हें जांचए परामर्श व उपचार की समुचित सुविधा प्रदान की जाएगी। साथ ही वुमेन केयर सेंटर में महिलाओं को जन्म देने की तैयारी, गर्भावस्था के दौरान के संकेतों से अवगत कराना, पोषण, संस्थागत प्रसव, गर्भावस्था तथा शिशु के जन्म के पश्चात देखभाल, स्तनपान, आयरन फोलिक एसिड और कैल्शियम की पूर्ति तथा जन्म के अगले छह महीने तक परिवार नियोजन जैसे अन्य आवश्यक जानकारियां प्रदान की जाएंगी।
संस्थागत प्रसव से होने वाले लाभ
नवजात शिशु की देखभाल के लिए तत्काल चिकित्सा सुविधा मौजूद रहती है एवं बाल रोग विशेषज्ञ द्वारा नियमित रूप से जांच की जाती है। इसके अलावा संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए जननी सुरक्षा योजना के तहत किसी भी सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने से प्रसूति को आर्थिक सहायता भी दी जाती है