भ्रष्टाचार. सार्वजनिक शौचालय निर्माण के जपं से 1.20 लाख मांगी गयी, बना ही नहीं शौचालय हो गये पैसे गबन, आदिवासी ब्लाॅक डौण्डी का मामला

17/12/2020 Jiwrakhan lal Ushare cggrameen nëws

काडे

जिले के आदिवासी बाहुल्य ब्लॉक डौंडी के कांड़े ग्राम पंचायत में 14वें वित्त की राशि के बंदरबांट करने का मामला सामने आया है। कभी फर्जी बिल लगाकर पैसे निकाल लिए तो कभी सार्वजनिक शौचालय निर्माण के नाम पर 14वें वित्त की राशि को गबन कर लिया। दरअसल कांड़े पंचायत के तत्कालीन जनप्रतिनिधियों द्वारा जनपद पंचायत डौंडी से सार्वजनिक शौचालय निर्माण के लिए 1 लाख 20 हजार रुपए राशि की मांग की गई थी। जिस पर जनपद की ओर से सहमति मिली और पंचायत को राशि दे दी गई। जनपद से मिली राशि का आधा फ़ीसदी हिस्सा 60 हजार रुपए 14 वे वित्त की राशि से पूर्व कार्यकाल में पंचायत जनप्रतिनिधियों ने जनपद को वापस लौटा दिए थे लेकिन शेष राशि 60 हजार रुपए अब तक वापस नहीं की गई है।

अब नए सरपंच के कार्यकाल आने के बाद उन्हें 60 हजार शेष राशि भुगतान करने का नोटिस जनपद पंचायत डौंडी की ओर से मिला जिस पर सरपंच ने अपना पक्ष रखते हुए जवाब दे दिया कि पंचायत में तो इसी तरह से सार्वजनिक शौचालय निर्माण हुआ ही नहीं है तो सार्वजनिक शौचालय के नाम पर राशि का भुगतान कहां से होगा। वही वर्तमान सचिव द्वारा फर्जी बिल लगाकर पैसे आहरण करने का मामला भी सामने आ रहा है पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब एक व्यक्ति ने सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी।

मामले की जानकारी मिलते ही जनपद पंचायत डौंडी के सीईओ ने 28 सितंबर 2020 को 14वें वित्त मूलभूत पंचायत निधि अंतर्गत प्रमाणकों की जांच के आदेश जारी किए थे जिसके जांच अधिकारी के रूप में उसी ऑडिटर को नियुक्त किया गया था जिन्होंने उस पंचायत में 14वें वित्त व तमाम बिलों का ऑडिट किया था। अब बड़ा सवाल यह उठता है कि अगर ऑडिटर को ही जांच अधिकारी बनाया जाए तो इतने बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा कैसे हो पाएगा। मीडिया को इसकी जानकारी होने के बाद आनन-फानन में जनपद सीईओ ने जांच अधिकारी को बदल दिया लेकिन 28 सितंबर से जांच आदेश निकलने के बाद अब तक जांच पूर्ण नहीं होना संदेह के दायरे में आता है।