मोबाइल वैन में होगी टीबी के संभावित मरीजों की जांच वैन में उपलब्ध है सीबी नॉट जांच की सुविधा 8,00 लोगो का किया जाना है परीक्षण


बैकुंठपुर (कोरिया ) 6 जनवरी: टीबी मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने के लिए जिले में टीबी रोगी खोज अभियान 1 से 31 जनवरी 2021 तक चलाया जा रहा है । इसी कडी में आज से केवराबहरा और सोनहत में आईसीएमआर की टीम द्वारा 8,00 लोगो की जांच की जानी है। आईसीएमआर की टीम वैन के माध्यम से दूर-दराज के क्षेत्रों में टीबी के संभावित मरीजों को खोजेगी और तुरंत ही उनकी जांच भी करेगी। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिेह ने बताया,” टीबी रोगी की खोज के लिए एवं तुरंत उनकी जांच करने के लिए आईसीएमआर की चलित स्वास्थ जांच बस जिले में आ गई जो सभी स्वास्थ्य सुविधाओ से सुसज्जित है। उन्होंने बताया अभियान के तहत लोगों को सावधानियाँ बताते हुए जागरूक किया जाएगा।“
सीएमएचओ डां रामेश्वर शर्मा ने बताया कलेक्टर कोरिया सत्यनारायण राठौर के मार्गदर्शन में टीबी खोज अभियान सम्पूर्ण जिले में चलाने के लिए कार्ययोजना तैयार कर शतप्रतिशत क्षय रोगियों की खोज की जाएगी। खोजी टीम लोगों से अपील करेगा की इस रोग को छिपाएं नहीं उसका इलाज कराएं। इलाज से टीबी की बीमारी पूरी तरह से ठीक हो सकती है। टीम के लिए माइक्रो प्लानिंग कर ब्लॉक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, गाँव, पारा, जनसंख्या, टार्गेट एरिया, टार्गेटेड जनसंख्या, टीम की मेंबर के नाम की रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
जांच के दो घंटे के भीतर मिलेगी रिपोर्ट !
आईसीएमआर की डां अर्चना ने बताया,” 23 लोगो के प्रशिक्षित दल द्वारा मौके पर जाकर जांच किया जाना है जिसके लिए हमारी टीम पूर्णतः तैयार है हम लोगो से अपील करते है कि वे जागरूक होकर सामने आये और हमारा सहयोग करे”। उन्होंने कहा, “इस वैन के द्वारा टीबी की जांच आधुनिक मशीनों से की जाएगी। इसमें संभावित मरीजों के बलगम की जांच के दो घंटे के भीतर रिपोर्ट दे दी जाएगी। वैन में लगी मशीन से सीबीनाट टेस्ट किया जाएगा। टीबी की पुष्टि होने पर मरीजों को तुरंत इलाज शुरू करवाने की सलाह दी जाएगी। उन्होने जानकारी दी कि अगर आपको लंबे समय से खांसी आ रही है तो टीबी की बीमारी हो सकती है। इसके लिए अब आपको अस्पताल आने की जरूरत नहीं है। क्षय रोग विभाग की सीबी नॉट मोबाइल वैन अब सीधे गांवों में ही पहुंचकर ऐसे लोगों की जांच करके उन्हें रिपोर्ट दे देगी। अगर किसी में बीमारी का लक्षण मिलता है तो उसकी दवा वहीं से शुरू कर दी जाएगी”।
कैसे होता है टीबी
टीबी के बैक्टीरिया सांस द्वारा शरीर में प्रवेश करते हैं। किसी रोगी के खांसने, बात करने, छींकने या थूकने के समय बलगम व थूक की बहुत ही छोटी-छोटी बूंदे हवा में फैल जाती हैं। इनमें मौजूद बैक्टीरिया कई घंटों तक हवा में रह सकते हैं और एक स्वस्थ व्यक्ति द्वारा सांस लेने के दौरान उसके शरीर में प्रवेश कर उसे रोगी बना सकते हैं। टीबी का एक मरीज 15-20 लोगों को संक्रमित कर सकता है। शरीर का वजन तेजी से कम होना, भूख न लगना, थकावट बने रहना आदि टीबी के प्रमुख लक्षण हैं। यदि आपको दो हफ्ते से लगातार तेज बुखार आता और उतर जाता है तो इसे बिल्कुल नजरंदाज न करें। टीबी होने की कोई उम्र नहीं होती। युवा, वद्ध या फिर बच्चे किसी को भी यह बीमारी हो सकती है।
निशुल्क उपलब्ध है टीबी का उपचार
सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में टीबी का उपचार निशुल्क उपलब्ध है। यदि नियमित रूप से इसकी दवा ली जाए तो यह रोग पूरी तरह से ठीक हो जाता है। यहां उपचार के साथ मरीज को उपचार की अवधि में निक्षय पोषण योजना के तहत 500 रुपए मासिक भत्ता भी दिया जाता है, ताकि वे आसानी से पौष्टिक आहार खरीद सकें या फिर घर से अस्पताल आसानी से आ जा सके।