छग के मुखिया बघेल पहुँचे बालोद जिले के ठेमाबुजुर्ग गांव, आदिवासियों के हित मे कही यह बात, दी सौगात

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ठेमाबुजूर्ग

छत्तीसगढ़ के मुख्य भूपेश बघेल आज बालोद जिले के ठेमाबुजुर्ग गांव में आयोजित प्रदेश स्तरीय हल्बा हल्बी समाज के सम्मेलन में शामिल हुए। सीएम के साथ मंत्री अमरजीत भगत, अनिला भेड़िया, संसदीय सचिव कुंवर सिंह निषाद सहित विधायक भी मौजूद थे। इस दौरान आदिवासियों ने मुख्यमंत्री का जोशीला स्वागत किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि शुरुआत से ही आदिवासियों का योगदान देश के प्रति समर्पित रहा है। आजादी की लड़ाई में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले केवल हिंदी व अंग्रेजी भाषा में ही पढ़ाई होती थी लेकिन राज्य में छत्तीसगढ़ी, हल्बी, गोंडी, कुँड़ुक भाषा मे पढ़ाई की शुरुआत की। कांग्रेस सरकार सड़क, पुल पुलिया के निर्माण के साथ ही छत्तीसगढ़ की परंपरा, संस्कृति, बोली भाषा को भी बरकरार रखी है। उन्होंने आयोजको की मांग पर सामाजिक भवन निर्माण व पुल निर्माण की स्वीकृति की घोषणा की। वहीं शहीद गैंदसिंग की भव्य प्रतिमा स्थापित करने हेतु भी स्वीकृति दी। सीएम ने कहा कि अब जंगलों को नया स्वरूप दिया जाएगा और जंगलों में सागौन की लकड़ी के बजाय फलदार वृक्ष लगाया जाएगा जो वनांचल वासियों के आय का जरिया बनेगा। जिससे वह पलायन नहीं करेंगे। मुख्यमंत्री ने भाजपा पर तंज कंसते हुए कहा कि जो भाजपा के लोग कल धरना देने वाले हैं वह सोसायटी में धान बेच चुके हैं।