कुष्ठ रोगी खोज अभियान के लिए निकुम व धमधा ब्लॉक में 4 मार्च से शुरु होगा प्रशिक्षण

कुष्ठ रोगी खोज अभियान के लिए निकुम व धमधा ब्लॉक में 4 मार्च से शुरु होगा प्रशिक्षण  
कुष्ठ उन्नमूलन के लिए 192 ग्राम पंचायतों के 595 खोजी दल को एनएमए देंगे ट्रेनिंग
दुर्ग, 26 फरवरी 2021। जिले को कुष्ठ मुक्त बनाने की दिशा में पाटन ब्लॉक की तर्ज पर आगाज-2021 “स्पर्श कुष्ठ जागरुकता अभियान “ निकुम व धमधा ब्लॉक के ग्राम पंचायत एवं आश्रित ग्रामों में सर्वे किया जाएगा। ग्राम पंचायतों का वार्ड स्तर पर माइक्रो प्लान बनाकर प्रत्येक ग्राम सभा में स्वास्थ्य विभाग की ओर से एन.एम.ए., मितानिन, मितानिन ट्रेनर, एनजीओ, सामाजिक कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग दी जाएगी। निकुम ब्लॉक के 73 ग्राम पंचायतों में सर्वे के लिए 282 टीम को ट्रेनिंग दी जाएगी|  
वहीं धमधा ब्लॉक के 119 ग्राम पंचायतों में सर्वे के 313 टीमें बनाई गई हैं। घर-घर कुष्ठ सर्वे के लिए 4 मार्च से 12 मार्च तक निकुम व धमधा ब्लॉक में सर्वे टीम को प्रशिक्षित करने एनएमए व एनएमएस द्वारा कुष्ठ रोगी की खोज के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी|  पाटन ब्लॉक में परिवार के मुखिया के द्वारा प्रत्येक सदस्यों की कुष्ठ रोग की जांच की गई। जिससे अभियान को भारी सफलता मिली। इसके बाद अन्य ब्लॉकों में भी कुष्ठ रोगी की खोज अभियान शुरु किया जा रहा है।
जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ अनिल कुमार शुक्ला ने बताया, जिले में कुष्ठ रोगियों के खोज में अप्रेल 2020 से 13 फरवरी 2021 तक सर्वे में 302 नए रोगियों की पहचान की गई जिसमें 169 पीबी व 133 एमबी के थे। जिलेभर में कुष्ठ पीड़ितों के क्लोज संपर्क में आने वाले लोगों से हेल्दी कांटेक्ट कर 14 नए रोगी खोजे गए। इनमें से 3 रोगी दुर्ग नगर निगम के शहरी क्षेत्रों में मिले हैं। डॉ शुक्ला ने बताया परिवार के मुखिया से प्रत्येक परिवार में कुष्ठ के दर्द रहित दाग धब्बों की पहचान कराने से कुष्ठ के छिपे  हुए मरीज सामने आएं हैं। कुष्ठ मरीजों की जांच के लिए एक-एक जिला अस्पताल व सिविल अस्पताल, 8 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 22 प्राथमिक स्वास्थ्य व 10 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सहित 42 अस्पतालों में नियमित जांच की जा रही है।  
“मेरा ग्राम कुष्ठ मुक्त ग्राम” की परिकल्पना को आधार बनाकर कुष्ठ खोजी दल जिले के लगभग 20 लाख की जनसंख्या में हर एक व्यक्ति का सर्वे कर रहे हैं। प्रत्येक गांव में प्रति 1000 की जनसंख्या में एक टीम के दो सदस्य प्रत्येक परिवार के सदस्यों से मिलकर शरीर में दाग-धब्बों सहित चर्म रोगों की जांच कर करेंगे।
नॉन मेडिकल अस्सिटेंट (एनएमए), सेवानिवृत्त नॉन मेडिकल अस्सिटेंट नॉन मेडिकल सुपरवाइजर की टीम में एनएमए सीएल मैत्री, एसडी बंजारे, पीआर बंजारे, आरपी उपाध्याय, एके पांडेय, शारदा साहू, अजय देवांगन , एमके साहू व जाकीर खान सहित रिटायर्ड एनएमए द्वारा ट्रेनिंग दिया जाएगा। खोजी दल के सदस्यों मितानिन व सामाजिक कार्यकर्ताओं सहित कुष्ठ से इलाज पाकर स्वस्थ्य हुए लोग भी अभियान में जुड़ रहे हैं। खोजी दल को कुष्ठ के रोगियों की पहचान कर दवाईयों का सेवन को लेकर ट्रेनिंग में जानकारियां दी जाएगी। महिलाओं की प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए कुष्ठ उन्मूलन के इस कार्यक्रम में  मितानिन को लगाया गया है। मितानिन द्वारा गृहभ्रमण कर एक कार्ड प्रदान किया जाएगा। कार्ड में कुष्ठ रोग के लक्षण व पहचान के बारे में जानकारियां रहेंगी। एनएमए व ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक द्वारा चिंहाकित लोगों की स्क्रिनिंग करेंगे। आगाज-2021-22 के तहत यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। ताकि वर्ष 2025 तक छत्तीसगढ राज्य कुष्ठ मुक्त प्रदेश हो सके।
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