ना जातिवाद चला, ना परिवारवाद, सिर्फ चला व्यापारीवाद – पारवानी अधिक मतदान होना परिवर्तन निश्चिित

18-Mar-2021 जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज

जय व्यापार पैनल के मुख्य चुनाव संचालक नरेन्द्र दुग्गड़, चुनाव संचालक, गारगी शंकर मिश्रा, चुनाव सह-संचालक जितेन्द्र दोशी, चुनाव सह संचालक मगेलाल मालू, चेम्बर ऑफ कॉमर्स के उपाध्यक्ष राजेन्द्र जग्गी, दीपक बल्लेवार, विजय शर्मा चुनाव सह संचालक विक्रम सिंहदेव एवं परमानन्द जैन ने बताया कि छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्रीज चुनाव 2021 के चार चरणों के मतदान सम्पन्न होने के बाद अब तस्वीर साफ होती नजर आ रही है। लग रहा है कि चुनाव में प्रदेश के व्यापारी जय व्यापार पैनल के साथ खड़े हैं। जय व्यापार पैनल की कार्यशैली और रीति- नीति से प्रभावित होकर व्यापारियों का रूझान इस बार जय व्यापार पैनल की ओर रहा और पूरे प्रदेश में परिवर्तन की लहर चल रही है। चुनाव के चार चरणों में अब तक सभी जिलों में अच्छा मतदान भी इस बात की ओर संकेत कर रहा है कि इस बार व्यापारियों ने कार्य करने वाले प्रत्याशियों को अपना वोट दिया है और चेम्बर की बागडोर सशक्त प्रत्याशी के हाथों में सौंपने का मन बना लिया है। अगर अब तक के चुनावी रूझानों की बात करें तो इस बार न तो जातिवाद का असर चला और न ही परिवारवाद का। इस पूरे चुनाव में अब तक व्यापारीवाद ही हावी रहा है। 

इस संबंध में जय व्यापार पैनल के मुख्य चुनाव संचालक नरेंद्र दुग्गड़ एवं सह संचालक जितेंद्र दोशी, मंगेलाल मालू व गारगी शंकर मिश्र ने संयुक्त रूप से बयान जारी करते हुए बताया कि चेम्बर के 60 वर्षों के इतिहास में संभवतः पहली बार परिवर्तन की यह लहर दिख रही है। पिछले कार्यकाल के विवादित और निष्क्रिय रहने के बाद व्यापारियों ने इस बार परिवर्तन का मन बनाकर जय व्यापार पैनल को अपना समर्थन दिया है। इस बार चुनाव में व्यापारवाद पूरी तरह से जातिवाद और परिवारवाद पर हावी रहा। श्री दुग्गड़ ने बताया कि सभी जिलों में शत- प्रतिशत मतदान होना भी इस बात का संकेत है कि मतदान इस बार परिवर्तन के लिए किया गया है। उन्होंने बताया कि जय व्यापार पैनल के प्रदेश अध्यक्ष प्रत्याशी अमर पारवानी एवं उनकी टीम द्वारा व्यापारी हित में किये गये कार्यों को प्रदेश के व्यापारियों ने सराहते हुए अपना समर्थन दिया है। 
व्यापारी हित के कार्य को माना सर्वोपरि 
श्री दुग्गड़ ने बताया कि जय व्यापार पैनल के लिए व्यापारी हित ही सर्वोपरि है इसलिए पैनल द्वारा प्रदेश स्तर एवं जिले स्तर पर भी व्यापारी हित से जुड़े कार्यों में सक्रिय साथियों को प्रत्याशी बनाया गया है। पैनल की इस कार्यशैली को प्रदेश के व्यापारियों ने पूरी तरह से सराहते हुए अपना समर्थन भी दिया। इसी का परिणाम है कि आज सभी जिलों में जय व्यापार पैनल के प्रत्याशियों को व्यापारियों का जोरदार समर्थन मिल रहा है।
श्री दुग्गड़ ने बताया कि जय व्यापार पैनल के प्रदेश अध्यक्ष प्रत्याशी अमर पारवानी एवं उनकी टीम ने जीएसटी की जटिलताओं के सरलीकरण से लेकर कोरोना संकट एवं अन्य व्यापारिक मुद्दों को लेकर हमेशा सक्रिय भूमिका निभाई है और व्यापारियों को दबावमुक्त रखने का प्रयास किया है। स्वयं पैनल का यह मानना है कि वह चुनाव में अपने द्वारा किये गये कार्यों के दम पर व्यापारी साथियों से वोट मांग रहे हैं। पैनल की प्राथमिकता केवल व्यापारी हित है।


श्री दुग्गड़ ने बताया कि वर्ष 2017 में जीएसटी लागू होने के साथ ही व्यापारियों के मन में जीएसटी को लेकर कई शंकाओं को दूर करने में अमर पारवानी ने सक्रिय भूमिका निभाई और इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाते हुए लगभग 70 हजार से ज्यादा व्यापारी साथियों का निशुल्क रजिस्ट्रेशन करवाये। इसी तरह कोरोना संकटकाल मुश्किल दौर में भी अमर पारवानी प्रशासन से लगातार संपर्क कर व्यापारियों की समस्याओं के निराकरण के लिए संघर्ष कर रहे। व्यापारियों के प्रतिष्ठान संचालन से लेकर, सुरक्षा संबंधी उपाय और सामाजिक दायित्वों का पूरी तरह निर्वहन किया। व्यापारियों को कोरोना संकट के दौरान दबावमुक्त रखने का भी प्रयास किया। 
डूमरतराई थोक बाजार का व्यवस्थापन रही बड़ी उपलब्धि
पैनल के प्रदेश चुनाव सहसंचालक जितेंद्र दोशी ने बताया कि राजधानी के बाजारों में ट्रैफिक व्यवस्था के साथ ही अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव एक बड़ी समस्या है। लेकिन अमर पारवानी एवं उनकी टीम के प्रयासों से डुमरतरई थोक बाजार का व्यवस्थापन एवं स्थानांतरण संभव हो पाया। जिसके चलते व्यापारियों को व्यापार हेतु एक सर्वसुविधायुक्त स्थान मिला और जिसके कारण ट्रैफिक सहित अन्य समस्याओं का भी निराकरण हो पाया। श्री दोशी ने बताया कि अमर पारवानी द्वारा उद्योगों सहित अन्य क्षेत्रों में लगाए जाने वाले अनावश्यक कर एवं शुल्क पर रोक लगाने की मांग की गई, जैसे उद्योगों पर एंट्री टैक्स समाप्त कराया गया। ई वे बिल को पूर्ण रूप से प्रदेश में समाप्त  कराया गया। वर्तमान में केवल 15 उत्पाद हैं जिन पर एक जिले से दूसरे जिले जाने पर ई- वे बिल लागू किया जाता है।
राज्य सरकार से लेकर केंद्र तक हर मोर्चे पर डटे रहे और संवाद किया
श्री मालू ने बताया कि अमर पारवानी द्वारा व्यापारियों से जुड़ी समस्याओं के निराकरण के लिए केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार, जीएसटी काउंसिल, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट एवं रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया तक लगातार संवाद बनाये रखा गया। उन्होंने ई कॉमर्स पालिसी को लेकर केंद्र सरकार से लगातार चर्चा की गई, हाईकोर्ट में मामला दर्ज कराने के साथ ही कॉम्पीटिशन कमीशन ऑफ इंडिया में शिकायत दर्ज कराई गई। साथ ही न्यूनतम मूल्य प्रणाली लागू करने केंद्रीय मंत्री श्री पीयूष गोयल को पत्र लिखा। एफडीआई नीति का उल्लंघन होने पर केंद्रीय मंत्री श्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर उस पर सार्थक चर्चा की। उनके नेतृत्व में ही प्रदेश के सभी जिलों के व्यापारियों से जुड़ी समस्याओं को लेकर प्रदेश सरकार से लगातार मुलाकात कर उसके निराकरण पर चर्चा की गई। उन्होंने रायपुर एयरपोर्ट को अंतर्राष्ट्रीय दर्जा एवं अंबिकापुर में एयरपोर्ट की मांग की ताकि प्रदेश को विश्व एवं देश के मानचित्र पर उचित पहचान मिल सके।