नक्सली समस्या का स्थाई समाधान बंदूक से नहीं बल्कि शांति वार्ता से ही संभव

जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज
बीजापुर नक्सली हमले में शहीद वीर सपूतों को डॉ भीमराव अंबेडकर जी के मूर्ति के समक्ष कैंडल जलाकर 2 मिनट का मौन रखकर शोक श्रद्धांजलि दी गई। शोक श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष
आरएन ध्रुव ने कहा कि सरकार शहीद वीर सपूतों के परिवार के एक सदस्य को कम से कम नायाब तहसीलदार के पद पर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करें एवं इसका नेतृत्व करने वाले शहीद के परिवार के एक सदस्य को डिप्टी कलेक्टर के पद पर तत्काल नियुक्ति आदेश जारी हो। भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति ना हो इसलिए सरकार को नक्सली समस्या के समाधान हेतु ठोस रणनीति तैयार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बस्तर में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने से ही हिंसा रुक सकती है। आदिवासी क्षेत्रों में चाहे पुलिस हो, आम जनता हो या फिर नक्सली के नाम पर सभी तरफ से अधिकतर आदिवासी ही मारे जा रहे हैं।हमें उनकी मूलभूत समस्याओं को समझना होगा। विश्व में जितने भी बड़ी से बड़ी हिंसा, उपद्रव हुए हैं सबका समाधान चर्चा से ही हुआ है। ऐसे ही नक्सली समस्या का स्थाई समाधान गन बन्दूक से नहीं बल्कि गणतंत्र के माध्यम से शांति वार्ता से ही संभव है। शोक श्रद्धांजलि में एस आर कुर्रे जिलाध्यक्ष सतनामी समाज अधिकारी कर्मचारी संघ, शिवचरण नेताम अध्यक्ष गोंड समाज विकास समिति, आशीष रात्रे,अशोक मेश्राम संयोजक अनुसूचित जाति, जनजाति संयुक्त मोर्चा, महेश रावटे अध्यक्ष अनुसूचित जाति, जनजाति संयुक्त मोर्चा, अनूप मरई, मुकेश कामंडे, मन्नत राणा, आनंद शांडिल्य, हुलार सिंह कोर्राम, अनिल साहू एवं कृष्णा चंदेल सहित अन्य लोग उपस्थित थे।