मजबूरी- गांव के नल खराब झरिया से प्यास बुझाते बुरकापारा के ग्रामीण, इनकी सुध लेने वाला कोई नही

 27-Apr-2021 Jiwrakhan lal Ushare cggrameen nëws

मजबूरी- गांव के नल खराब झरिया से प्यास बुझाते बुरकापारा के ग्रामीण, इनकी सुध लेने वाला कोई नही :पंकज सिंह भदोरिया

दंतेवाड़ा : दंतेवाड़ा जिले में 6 मई तक लॉकडाउन लगा है। कोरोना की दूसरी लहर से इंसानी जिंदगी को बचाने की जंग जारी है। इन सबके बीच मे दंतेवाड़ा जिले के पोंदुम ग्रामपंचायत का बुरकापारा प्रशासनिक उदासीनता और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की उपेक्षाओं का ऐसा दंश झेल रही है। इस पारा के लोगो के नसीब में शुद्ध पानी की व्यवस्था भी नही है। ग्रामीण पीने का पानी पास की नदी की रेत हटाकर उसमें चूहा बनाकर अपनी जरूरत को पूरी करने को मजबूर है। 

सुबह से ही ग्रामीण नदी पर झरिया बनाकर पानी ले जाकर अपने सभी तरह के दैनिक जीवन के उपयोग में इस्तेमाल कर रहे हैं। 

बता दे कि इस मोहल्ले तक एक भी सरकारी हैण्डपम्प आज तक प्रशासन नही लगवा पाई है। जबकि अंदुरुनी गांव होने की वजह से ग्रामीणों की  बेबसी की खबर लेने कोई सरकारी नुमाईंदा भी नही पहुँचता है।

 वही सर्वमूल आदिवासी समाज के जिला प्रवक्ता संजय पंत ने कहा कि ग्रामीणों की सुनने वाला कोई नही है 15 साल भाजपा और ढाई साल कांग्रेस के शासनकाल में भी एक हैण्डपम्प बुरकापारा के ग्रामीणों को सरकार नही दे सकी। इससे बड़ी लापरवाही क्या हो सकती है।