एक कलेक्टर ए भी है

डॉक्टर राजेंद्र भरूद MBBS हैं और IAS हैं। अभी महाराष्ट्र के नंदुरबार ज़िले के ज़िलाधिकारी है। वे आदिवासी समुदाय से आते हैं।

महाराष्ट्र में नंदुरबार अकेला ऐसा ज़िला है जहां ऑक्सिजन की कोई समस्या नहीं है , वहाँ पर 150 बेड ख़ाली है और वहाँ पर 30% मरीज़ पड़ोस के गुजरात और मध्य प्रदेश से भी एडमिट हैं।

जब देश की सरकार पिछले साल कोरोना के ख़त्म होने का जश्न मना रही थी तब राजेंद्र भरूद दूसरी वेव के आने की तैयारी कर रहे थे।उन्हें अंदाज़ा था कि अगर दूसरी वेव आयी तो ऑक्सिजन सबसे बड़ी समस्या बनेगी इसलिए उन्होंने पिछले साल सितम्बर में ही ज़िले में एक ऑक्सिजन प्लांट बनवा लिया था।

जब दूसरी वेव आयी और ज़िले में कोरोना संक्रमित लोगों की बाढ़ आयी तो राजेंद्र भरूद ने दो और ऑक्सिजन प्लांट ज़िले में लगवाए। फंड उनके लिए समस्या थी लेकिन उन्होंने ज़िले का जितना भी फ़ंड था वो सब स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च कर दिया। अब ज़िले में तीन ऑक्सिजन प्लांट है और वहाँ पर किसी भी व्यक्ति को ऑक्सिजन के लिए जूझना नहीं पड़ रहा है। हर व्यक्ति को ज़रूरत पड़ने पर फ़ोरन ऑक्सिजन मिलती है जिससे ऑक्सिजन की खपत भी कम है।

देश भर के प्रशासकों और नेताओ को राजेंद्र भरूद से सीखने की ज़रूरत है। राजेंद्र भरूद एक डॉक्टर हैं, यह उनके लिए एडवांटेज है लेकिन डॉक्टर तो हमारे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री भी हैं जो दूसरी वेव की तैयारी की जगह मटर छील रहे थे।

डॉ. राजेंद्र भरूद जी को सलाम !🌷
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