संथारा सीझा, सिरेमल जी जैन पंचतत्व में विलीन


धर्मनिष्ठ सुश्रावक
92 वर्षीय सिरेमल जी जैन बुरड़ जिन्होंने अपने अंतिम मनोरथ को पूरा करने 21अप्रैल को रात्रि 09.21 बजे तीन आहारों के त्याग के साथ संथारा प्रत्याख्यान लिया था,वह धर्म आराधना के मध्य 7 दिवस के बाद 28 अप्रैल को पूरा हुवा।
29 अप्रैल को प्रातः 8.00 बजे बैंकुठी रूप में अंतिम यात्रा हुई एवं स्थानीय मुक्ति धाम में सिरेमल जी जैन की पार्थिव काया पंचतत्व में विलीन हो गई। 30 अप्रैल को प्रातः10 बजे वर्तमान नियम अनुसार ही उठावना होगा,वर्तमान लॉक डाउन परिस्थितियों के चलते शोक बैठक नही रखी गई है।
बुरड़ परिवार की ओर से गौतमचंद,रेखचन्द,संतोष एवं रमेश जैन ने निवेदन किया है कि वर्तमान कोरोना संक्रमण की परिस्थितियों को देखते हुवे कोविड19 एवं लॉकडाउन नियमों के पालन करते हुवे सावधानी ही सुरक्षा को अपनाते हुवे अपने स्थान से ही दिवंगत आत्मा के प्रति श्रद्धांजलि एवं शांति हेतु प्रार्थना करें।