हौसले से किया कोविड को परास्त केंद्र पर मिला पूरा इलाज स्टाफ और डॉक्टर्स ने बढाया मनोबल


दंतेवाड़ा 8 मई 2021 । Jiwrakhan lal Ushare cggrameen nëws
जवांगा में कोविड केयर सेंटर से संक्रमण का इलाज कराकर घर जाने वाली खेमलता रामटेके और उनकी 9 वर्षीय पुत्री स्मृति ने सेंटर की पूरी टीम को धन्यवाद दिया और संक्रमित लोगों को नियमित इलाज कराने की अपील भी की ।
जब कोविड केयर सेंटर के डॉ. अतीक अंसारी ने उन्हे 7 मई को बताया कि उनकी छुट्टी हो जाएगी तो दोनों बहुत खुशी हुई। दोनों को लगा अब वो स्वस्थ हैं ।
नियमित रूप से दैनिक दिनचर्या में सुबह से रात की गोली खाने तक नियमित देखभाल करना और केंद्र पर मौजूद कर्मचारियों द्वारा हौसला अफजाई करना जो कोविड-19 को हराने के लिए एक सशक्त हथियार बना सबसे ज्यादा चिंता अपनी बेटी की थी यहां पर के स्टाफ में नियमित रूप से उसकी भी देखभाल की मेरी बेटी कहती है मेरा तो मन अब बड़े होकर डॉक्टर बनने का ही ।
खेमलता बताती है 28 अप्रैल को जब उन दोनों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो उन्हे कोविड केयर सेंटर जवांगा में एडमिट किया गया । पॉजिटिव रिपोर्ट आने से पूरा परिवार बहुत बुरी तरह से डर गया था ।
यहॉ हमारा और मेरी बेटी का नियमित रूप से ईलाज शुरू हुआ ।मन में तरह-तरह भय उत्पन्न होता रहा ।कोरोना के बारे में जिस तरह भयावह और भ्रामक जानकारियां लोगों द्वारा परोसी जा रही थी उससे मन बहुत डरा हुआ था । लेकिन जब यहां पर आए तो डॉक्टरों ने हमारे मन के भय को दूर किया । एक नियमित दिनचर्या के तहत इलाज शुरू हुआ जिसमें योगा, गरम पानी, समय-समय पर दवाइयों का सेवन और समय – समय से ऑक्सीजन लेवल और , बीपी की जांच होती रही।’’ धीरे-धीरे मन का भय कम हुआ, तबीयत में सुधार हुआ और बाद में जब 7 मई को कोविड केयर सेंटर से छुट्टी हुई तो विशेषज्ञों की सलाह के अनुरूप 7 दिन तक होम आइसोलेशन में रहने का और कोविड-19 एप्रोप्रियेट बिहेवियर का पालन करने को भी कहा।कुछ हिदायतों के साथ नियमित रूप से मास्क लगाना, भीड़ भाड़ वाली जगह में जाने से बचना, शारीरिक दूरी का नियमित पालन करना, हाथ को साबुन से या सैनिटाइज करते रहना बताया गया,’’ खेमलता बताती है ।’
केंद्र के आरएमए डॉ. अतीक अंसारी कहते हैं:‘’ केंद्र पर जो भी मरीज है उसको हौसला देना और मानसिक स्थिति को समझना एक चुनौती होता है । अंदर से अगर बीमारी के खिलाफ लड़ने की ताकत पैदा हो जाए तो उसको फिर कोई बीमारी नहीं हरा सकती है । ‘मन के हारे हार है मन के जीते जीत” इसी कहावत को चरितार्थ करने की कोशिश नियमित रूप से केंद्र पर की जाती है । लोगों के मन से कोविड के भय को दूर करना और उन्हें एक स्वस्थ जीवन प्रदान करना हमारा लक्ष्य है ।‘’

केंद्र के नोडल ऑफिसर राजेश राय, इंचार्ज डॉ. मनोज, सिविल सर्जन डॉ. संजय बघेल के मार्गदर्शन और डॉक्टर पद्मिनी साहू, डॉ श्रीकांत शुक्ला, स्टाफ नर्स धार्मिका साहू, श्रीमती पुष्पा कंवर, श्रद्धा डेहरी फार्मासिस्ट,दीपनारायण, वार्ड बॉय चैतूराम, भुवनेश्वर जूरी, रामनाथ द्वारा हमारी विशेष देखभाल की गई । केंद्र पर एडमिट सभी लोगों की नियमित रूप से देखभाल की जा रही है, खेमलता और स्मृति कहती है ।