अजा एवं अजजा के एक भी अभ्यर्थी को चयन न किए जाने के कारण बीएएमएस पाठ्यक्रम के लिए जारी चयन सूची रद्द हो

जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज
अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ छत्तीसगढ़ द्वारा संचालनालय आयुर्वेद योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा यूनानी सिद्ध एवं होम्योपैथी,( आयुष) छत्तीसगढ़ के पत्र क्रमांक/ 1/स्था./ राज./ महा./ प्रवेश/ 2021/ 1656 रायपुर दिनांक 6 मई 2021 के अनुसार जारी चयन सूची को रद्द करने की मांग किए हैं। ज्ञात हो शैक्षणिक सत्र 2020- 21 में भारतीय आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय पुलगांव चौक दुर्ग के राज्य कोटे के बीएएमएस पाठ्यक्रम की रिक्त 70 सीटों पर प्रवेश हेतु संचालनालय द्वारा पूरे छत्तीसगढ़ में जब लॉकडाउन लगा हुआ है ऐसी स्थिति में दिनांक 5 मई 2021 को बीएएमएस के सीटों को भरने के लिए विज्ञापन जारी किए जाते हैं। 24 घंटे से भी कम बहुत ही अल्प समय दिनांक 6 मई 2021 को दोपहर 2:00 बजे तक आवेदन मंगाकर संचालनालय आयुर्वेद योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा यूनानी सिद्ध एवं होम्योपैथी (आयुष) छत्तीसगढ़ द्वारा बीएएमएस पाठ्यक्रम हेतु 70 प्रत्याशियों का प्राविण्य सूची के आधार पर महाविद्यालय में प्रवेश हेतु चयन सूची जारी की गई है। इस प्रावीण्य सूची में शासन के द्वारा जारी नियमानुसार आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को भी प्रवेश हेतु सूची में शामिल किया जाना था। लेकिन 23 आदिवासी एवं 7 अनुसूचित जाति के सीटों पर अन्य वर्ग के अभ्यर्थियों को आवंटित कर दिया गया है। जिसके कारण एक भी अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति का चयन नहीं हुआ है। सूची देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि संचालनालय द्वारा आनन-फानन में बिना प्रत्याशियों को सूचना दिए जारी कर दिया गया है। ज्ञात हो आदिवासी समाज सुदूर गांव- जंगलों में निवास करते हैं ऐसी स्थिति में 24 घंटे से भी कम केवल 1 दिन का समय में प्रत्याशियों का इस प्रक्रिया में सम्मिलित हो पाना नामुमकिन है। यदि यही स्थिति रहा तो अनुसूचित जाति/ जनजाति के लिए भारत के संविधान में उल्लेखित अवसर की समता की बात बेमानी लगती है।
संघ के प्रांताध्यक्ष आर एन ध्रुव द्वारा महामहिम राज्यपाल सुश्री अनुसुइया उइके जी, माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी अध्यक्ष जनजाति सलाहकर कार्यसमिति छत्तीसगढ़, केंद्रीय मंत्री जनजातीय मामले श्री अर्जुन मुंडा जी को पत्र लिखकर निवेदन किए हैं कि पूरी चयन प्रक्रिया की जांच हो, उक्त सूची को तत्काल निरस्त किया जावे एवं नए सिरे से पुनः आवेदन मंगाकर रिक्त पदों को भरा जावे ।जिससे अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। साथ ही ऐसे महाविद्यालयों के पूरी फीस सरकार वाहन करें। जिससे गरीब अनुसूचित जाति /जनजाति वर्ग के बीएएमएस में अध्ययन करने के इच्छुक छात्र-छात्राएं शिक्षा से वंचित ना हो सके।