उत्तर बस्तर कांकेर : मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना : कुलगांव में किया गया फलदार पौधों का रोपण

उत्तर बस्तर कांकेर 6 जून 2021 Jiwrakhan lal Ushare cggrameen nëws

मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के तहत आज कांकेर वन परिक्षेत्र के ग्राम कुलगांव में 01 एकड़ से अधिक राजस्व भूमि में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के द्वारा फलदार पौधों का रोपण का वर्चुअल शुभारंभ किया गया। छत्तीसगढ़ विधानसभा के उपाध्यक्ष श्री मनोज मण्डावी, सांसद श्री मोहन मण्डावी, संसदीय सचिव एवं कांकेर विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री शिशुपाल शोरी, अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य नितिन पोटाई, बस्तर विकास प्राधिकरण के सदस्य बिरेश ठाकुर, नगर पालिका परिषद कांकेर के अध्यक्ष श्रीमती सरोज जितेन्द्र ठाकुर, जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष श्रीमती सुभद्रा सलाम, मुख्य वन संरक्षक एस.एस. बड़गैय्या, कलेक्टर श्री चन्दन कुमार, पुलिस अधीक्षक एम.आर. अहिरे, वनमण्लाधिकारी अरविंद पी.एम. की उपस्थिति में ग्राम कुलगांव के 01 एकड़ से अधिक राजस्व भूमि खसरा नंबर 178 पर 250 फलदार पौधों जिसमे, आम, जामुन, अमरूद, ईमली, कुसूम, महुआ इत्यादि पौधों का रोपण किया गया।
              मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इस मौके पर उपस्थित छत्तीसगढ़ विधानसभा के उपाध्यक्ष श्री मनोज मण्डावी, सांसद श्री मोहन मण्डावी, संसदीय सचिव एवं कांकेर विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री शिशुपाल शोरी से विडियों कांफ्रेसिंग के जरिये बात की एवं उन्हें मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना का अधिक से अधिक प्रचार कर लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए कहा, ताकि लोग इससे लाभान्वित हों और पर्यावरण संरक्षण के साथ ही आर्थिक आमदनी भी प्राप्त कर सकें। विधानसभा के उपाध्यक्ष श्री मनोज मण्डावी ने इस योजना के क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री श्री बघेल को बधाई देते हुए कहा कि इससे वृक्षारोपण को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही किसानों के आय में भी वृद्धि होगी। सरकार द्वारा धान के बदले वृक्षारोपण करने पर 10 हजार रूपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दिये जाने का प्रावधान किया गया है, इससे लोग प्रोत्साहित होंगे। ईमारती वृक्षों के अलावा फलदार फौधों का रोपण करने से ग्रामीणों को स्वयं के उपभोग के साथ-साथ आमदनी के स्त्रोत भी प्राप्त होंगे और रोजगार के अवसर भी बढ़ेगे।
              सांसद श्री मोहन मण्डावी ने मुख्यमंत्री वृृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना की तारीफ करते हुए कहा कि इससे न केवल ग्रामीणों को फायदा होगा, बल्कि वन्य पशु-पक्षी को भी भोजन की सुविधा प्राप्त होगी, वे जंगलों को छोड़कर गांवों में नहीं आयेंगे। इस योजना अंतर्गत गैर वनीय क्षेत्रों में ईमारती, गैर ईमारती, फलदार वृक्षो तथा बांस व अन्य लघु वनोपज एवं औषधीय पौधों का रोपण किया जायेगा, जिससे गांव-गांव में फल-फूल मिलेगा और ग्रामीणों की आय भी बढ़ेगी। संसदीय सचिव एवं कांकेर विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री शिशुपाल शोरी ने कहा कि इस योजना से बहुत फायदा होगा, वृक्षारोपण को बढ़ावा मिलेगा, जिससे बस्तर फिर से समृद्ध होगा।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने चारामा विकासखण्ड के ग्राम गितपहर के किसान जीवनलाल जैन, ग्राम चिनौरी के किसान लेखप्रकाश नाग और ग्राम पलेवा के किसान धनश्याम जुर्री से विडियों कांफ्रेसिंग के माध्यम से बात की और उनसे वृक्षारोपण के संबंध में जानकारी लिया। जीवनलाल जैन ने बताया कि उनके द्वारा 05 एकड़ भूमि में ईमारती लकड़ी के अलावा आम, जामुन कटहल और मुनगा का पौधा लगाया जायेगा। लेखप्रकाश नाग ने कहा कि उनके पास 05 एकड़ कृषि भूमि  है, जिसमें से 02 एकड़ कृषि भूमि में फलदार एवं ईमारती वृक्षों का रोपण किया जायेगा, जिसमें उनके द्वारा पिछले वर्ष धान की फसल ली गई थी। धनश्याम जुरी ने बताया कि उनके पास कुल 08 एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें से 02 एकड़ भूमि में इलाहाबादी अमरूद लगाने की योजना बनाई गई है। इंदिरा वन मितान स्व-सहायता समूह ग्राम कुलगावं के अध्यक्ष सुमति नेताम ने बताया कि उनके गांव में 01 एकड़ से अधिक राजस्व भूमि मे फलदार पौधों आम, अमरूद, जामुन, ईमली, महुआ इत्यादि का रोपण किया गया है। समूह की महिलाओं द्वारा लाख पालन का कार्य भी किया जा रहा हैे, जिससे उन्हें 35 हजार रूपये की आमदनी प्राप्त हुई है।
             कार्यक्रम में जिला पंचायत के उपाध्यक्ष हेमनारायण गजबल्ला, नगर पालिका परिषद कांकेर के पूर्व अध्यक्ष जितेन्द्र ठाकुर, जिला पंचायत के सदस्य श्रीमती नवली मीना मण्डावी, जनपद पंचायत कांकेर के उपाध्यक्ष रोमनाथ जैन, जनपद सदस्य राजेश भास्कर, सरपंच कुलगांव कमलेश पदमाकर, श्रीमती नीरा साहू, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे, एसडीएम कांकेर उमाशंकर बंदे, भानुप्रतापपुर जनपद पंचायत के अध्यक्ष श्रीमती बृजबती मरकाम एवं उपाध्यक्ष सूनाराम तेता सहित वन एवं पुलिस विभाग के अधिकारीगण और ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।