गोंडवाना गोंड महासभा करेगी तीन करोड़ वृक्षारोपण

जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज
अखिल भारतीय गोंडवाना गोंड महासभा का स्थापना दिवस महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री शिशुपाल शोरी जी, संसदीय सचिव छत्तीसगढ़ शासन, विधायक कांकेर की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। देश की आजादी के पूर्व से ही महासभा पूरे देशभर के गोंड़ समाज की एकजुटता के कारण अंग्रेज भी समाज के प्रस्ताव को नजरअंदाज करने की हिम्मत नही करती थी। देश की आजादी के बाद आज ही के दिन 2009 में आदिशक्ति मां अंगारमोती प्रांगण गंगरेल, जिला- धमतरी छत्तीसगढ़ में गोंडवाना रत्न स्व. हीरा सिंह मरकाम, स्व. मोती रावेण कंगाली,स्व.सुन्हेर सिंह, स्व. माधव सिंह ध्रुव, स्व.व्ही आर ठाकुर,स्व.नवल सिंह मंडावी, स्व. संतोष नेताम, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद पूर्व सांसद सोहन पोटाई, विधायक देवेंद्र बहादुर सिंह सहित पूरे देश भर के समाजिक मुखिया, चिंतक, लेखक, बुद्धिजीवियों की उपस्थिति में अखिल भारतीय गोंडवाना गोंड महासभा की स्थापना की गई थी जिसका विस्तार पूरे देश भर में हुआ। कोरोना काल के पहले 2019 में प्रदेश के मुखिया माननीय श्री भूपेश बघेल जी मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन बतौर मुख्य अतिथि मां अंगारमोती प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिये थे।


कोरोना काल के कारण पिछले 2 वर्षों से कोई बड़े आयोजन महासभा के नही हुये हैं। इसलिए वर्चुअल स्थापना दिवस के माध्यम से महासभा के उद्देश्यों गोंडी धर्म, संस्कृति, रीति-रिवाजों पर चर्चा का प्रारंभ महासभा के राष्ट्रीय महासचिव लोकेंद्र सिंह द्वारा प्रस्तुत स्वागत भाषण से हुआ। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सोरी जी ने कहा कि महासभा गोंडी धर्म, संस्कृति रिती- रिवाज, परंपराओं के संरक्षण संवर्धन हेतु कटिबद्ध है। कर्नाटक टिनथनी ब्रिज के प्रमुख सिद्धरामानंद स्वामी जी ने कहा की आदिवासी गोंडी धर्म संकट में है ।समाज का हित चाहने वाले सभी बुद्धिजीवियों को हमारे धर्म को तन-मन-धन से रक्षा हेतु आगे आना होगा। अंतागढ़ विधायक अनूप नाग ने कहा कि गोंडवाना का वैभवशाली इतिहास रहा है। महासभा के हित में मुझे और मेरी धर्मपत्नी राष्ट्रीय महासचिव महिला प्रभाग श्रीमती कांति नाग को जो भी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी हम उनका निर्वाहन करेंगे। उड़ीसा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नायक जी ने कहा कि उड़ीसा में कुल चार लाख गोंड समाज के परिवार रहते हैं। प्रत्येक सदस्य की जानकारी ऑनलाइन होने से किनके घर में विवाह योग्य बच्चे हैं। शिक्षा में कौन कहां तक पढ़ा है सभी जानकारी मोबाइल के माध्यम से कहीं से भी ले सकते हैं। वरिष्ठ आईएएस नीलकंठ टेकाम जी ने कहा कि गोंड़ी धर्म ,भाषा को मौलिक रूप में सम्मान मिल सके इस हेतु महासभा को प्रयास करना होगा। उन्होंने कोंडागांव बस्तर में कलेक्टर के रूप में दिए गए अपने सेवा का उल्लेख करते हुए कहा कि गोंडी भाषा का जानकारी होने के कारण सुदूर अंचल में निवासरत आदिवासियों से चर्चा परिचर्चा करने में लोग अपनापन का भाव महसूस करते हैं एवं शासन की योजनाओं को उन तक बेहतर ढंग से पहुंचाया जा सकता है। महाराष्ट्र गढ़चिरौली के विधायक नामदेवराव उसेंडी जी ने कहा कि आदिवासियों को लघु वनोपज उद्योगों में मालिकाना हक मिलने से ही आदिवासियों का विकास संभव है। कन्नड़ विश्वविद्यालय कर्नाटक के प्रोफेसर के एम मैत्री ने कहा कि गोंडी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित करने हेतु हम सबको प्रयास तेज करना चाहिए। ज्ञात हो गोंडी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने हेतु जंतर मंतर नई दिल्ली में गोंडवाना गोंड़ महासभा द्वारा धरना प्रदर्शन भी किया गया है। गोंडवाना गोंड महासभा महिला प्रभाग की राष्ट्रीय अध्यक्ष हिरासन उइके ने गोंडी भाषा में अपनी बात रखते हुए कहा कि गोंडी संस्कृति, गोंडी भाषा विश्व संस्कृति की जननी है। गोंड़ी भाषा,संस्कृति के संरक्षण संवर्धन हेतु हम सबको ठोस प्रयास करना चाहिए। पश्चिम बंगाल कोलकाता के श्री जयप्रकाश शाह जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के 13 जिलों में गोंड समाज को आदिवासियों का दर्जा प्राप्त है एवं 5 जिलों में अनुसूचित जाति के रुप में सम्मिलित किया गया है। सरकार के इस दोहरा मापदंड के कारण समाज में आक्रोश है। महाराष्ट्र के नितिन पढ़ा ने कहा की पहले तेंदूपत्ता को बिचौलिए ओने पौने भाव में खरीद कर आदिवासियों का शोषण करती थी। लेकिन अब उसे ग्रामसभा के माध्यम से खरीदा गया है। ग्रामसभा के माध्यम से आदिवासी अंचल के गांव में तेंदूपत्ता का संग्रहण किए हैं जिसे सरकार द्वारा नहीं लेने के कारण आर्थिक परेशानियों का सामना समाज को करना पड़ रहा है।
गोंडवाना गोंड महासभा उड़ीसा द्वारा पर्यावरण प्रकृति के संरक्षण हेतु प्रत्येक परिवार द्वारा 10 वृक्ष लगाने के साथ कुल बीस लाख वृक्षारोपण किए जाने का राष्ट्रीय मंच द्वारा भूरी-भूरी प्रशंसा की गई । साथ ही महासभा द्वारा पूरे देश भर के तीन करोड़ गोंडियन जन को इस वर्ष महा अभियान चलाकर प्रत्येक परिवार द्वारा अनिवार्य वृक्ष लगाकर पूरे देश भर में कम से कम तीन करोड़ वृक्षारोपण करने का आह्वान किए हैं।कोरोना से बचाव हेतु प्रत्येक परिवार को शासन द्वारा निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार टीकाकरण अनिवार्य कराए जाने का फैसला लिया गया है। पूरे देश भर के गोंड समाज के 10वीं ,12वीं उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं की सूची ग्राम स्तर ,तहसील, जिला व प्रांत स्तर पर एकत्रित कर उन छात्र-छात्राओं को उनके रूचि के अनुसार विषय चयन हेतु काउंसलिंग हेतु प्रेरित करने का निर्णय लिया गया।
कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष माननीय श्री खामसिंह मांझी जी उड़ीसा,बैठक का संयोजन राष्ट्रीय सचिव आर एन ध्रुव द्वारा आर एन ध्रुव द्वारा आभार प्रदर्शन राष्ट्रीय सह सचिव डॉ शंकर लाल उइके एवं कार्यवाही विवरण श्री गजलू पोडियाम दंतेवाड़ा द्वारा किया गया।
इस अवसर पर सोनउ नेताम राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष बिशन सिंह परतेती, श्रीमती दुर्गावती प्रभाकर उईके, राष्ट्रीय सचिव दिवाकर पेंदाम, प्रदेश महासचिव उड़ीसा प्यारी मोहन नायक, घनश्याम नेताम, मदन गोंड़ नई दिल्ली, सिडाम आरजू तेलंगाना, नेहरू मंडावी आंध्रप्रदेश, राजकुमार कुंजाम बिहार, बालोद के जिला अध्यक्ष यु आर गंगराले, महासचिव कृष्ण कुमार ठाकुर, डॉ हेमवती ठाकुर, कबीरधाम से आसकरण धुर्वे, अंजोर सिंह सिदार, जयपाल सिंह ठाकुर, भरत लाल मार्को,आर सी ध्रुव, भरतलाल मार्को,सुभाष परते बिलासपुर, अमृत जगत महासमुंद,चेम सिंह मरकाम लेखराम मात्रा राजनांदगांव, उदय नेताम धमतरी, शकुंतला तारम कांकेर, डोमारसिंह ध्रुव नगरी, सुदामा जगत , काशीराम सिदार रायगढ़ सहित राष्ट्रीय पदाधिकारी ,प्रदेश अध्यक्ष एवं सामाजिक चिंतक वर्चुअल स्थापना दिवस में उपस्थित थे।