अजजा संघ पदोन्नति में आरक्षण की बहाली को लेकर चार चरणों में आंदोलन का किया शंखनाद

जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज
अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ छत्तीसगढ़ द्वारा सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय अनुसार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 16 (4 ) (क),85 वा संविधान संशोधन 2001 ,पदोन्नति में पारिणामिक वरिष्ठता 16 (4) (ख) ,आरक्षण अधिनियम 1994 एवं नियम 1998 तथा पदोन्नति नियम 2003 मे निहित प्रावधानों का खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन करते हुए हजारों की तादाद में छत्तीसगढ़ के विभिन्न विभागों में नियम विरुद्ध हो रहे पदोन्नति के खिलाफ चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करने का निर्णय लिया गया है।
संघ के प्रांताध्यक्ष आर एन ध्रुव ने कहा कि छत्तीसगढ़ निर्माण से कोरोना काल के पहले तक जितनी पदोन्नति नहीं हुई है। उससे कहीं ज्यादा पदोन्नति कोरोना काल में नियम विरुद्ध हजारों की तादाद में पदोन्नति आरक्षण नियम की धज्जियां उड़ाते हुए छत्तीसगढ़ के विभिन्न विभागों में सामान्य वर्ग को दी जा रही है। इससे अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के अधिकारी कर्मचारी पदोन्नति से वंचित हो रहे हैं ।जिसका परिणाम यह हो रहा है कि आरक्षित वर्ग का अधिकारी, कर्मचारी जिस पद में प्रथम नियुक्ति प्राप्त किया है उसी पद में सेवानिवृत्त होने पर मजबूर हो रहे है। जब वह पद खाली ही नहीं होगा तो आरक्षित वर्ग के युवा बेरोजगारों को रोजगार के अवसर भी नहीं मिलेंगे। दूसरी तरफ सामान्य वर्ग का व्यक्ति प्रमोशन लेने के बाद वह पद रिक्त होगा । जिसमें सामान्य वर्ग का ही बेरोजगार युवा उस पद पर काबिज हो जायेगा।
इसलिए संगठन द्वारा चरणबद्ध आंदोलन में भाग लेकर भारत के संविधान की रक्षा करते हुए पदोन्नति में आरक्षण को बचाने हेतु आगे आने की अपील की है उन्होंने कहा कि यदि हम अभी भी हाथ में हाथ धरे बैठे रहे तो भविष्य में आगामी पीढ़ी हमें माफ नहीं करेगी। आंदोलन की शुरुआत चरणबद्ध तरीके से हो गया है ।प्रथम चरण में छत्तीसगढ़ के सभी सांसदों ,सभी विधायकों को 14 जून 2021, दिन सोमवार तक अपने -अपने स्तर पर (व्हाट्सएप के माध्यम से पदोन्नति में आरक्षण को लेकर भेजे गए प्रारूप में) ज्ञापन सौंपा गया । इस हेतु सभी स्तर पर, सभी जिला अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष, प्रतिनिधि मंडल द्वारा अपने अपने क्षेत्र के माननीय सांसद, विधायक से पदोन्नति में आरक्षण बहाली हेतु चर्चा पश्चात ज्ञापन सौंपकर एक प्रति में पावती लिया गया है। इसी के परिणाम स्वरूप आरक्षित वर्ग के विधायकों द्वारा माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी से मिलकर पदोन्नति में आरक्षण की बहाली हेतु अनुशंसा पत्र प्रेषित किए हैं ।
मांग पूरा नहीं होने की स्थिति में द्वितीय चरण में दिनांक 20 जून 2021,दिन-रविवार को वर्चुअल आंदोलन करेंगे।
वर्चुअल आंदोलन में अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के सभी अधिकारी कर्मचारियों को जो जहां है वहां पर पदोन्नति में आरक्षण संबंधी तख्ती लगाकर मोबाइल में फोटो लेकर, फेसबुक, टि्वटर , इंस्टाग्राम , व्हाट्सएप के माध्यम से संघ द्वारा जारी हैशटेग, विभिन्न नारों के साथ महामहिम राज्यपाल सुश्री अनुसुइया उइके जी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी, कैबिनेट मंत्री श्री टी एस सिंह देव जी, छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री गण, दिल्ली में माननीय श्रीमती सोनिया गांधी, माननीय श्री राहुल गांधी, छत्तीसगढ़ प्रभारी श्री पीएल पुनिया जी सहित सभी शीर्ष नेतृत्व तक मांग पत्र भेजा जावेगा। इस हेतु आरक्षित वर्ग का हित चाहने वाले आदिवासी समाज के सभी संगठन एवं अनुसूचित जाति वर्ग के संगठनों का सहयोग, समर्थन हेतु चारों स्तर के आंदोलन को सफल बनाने हेतु पदोन्नति में आरक्षण हेतु लड़ी जा रही इस जंग में सम्मिलित होने का आह्वान किया गया।
द्वितीय चरण में भी यदि संगठन की मांगों को सरकार नहीं मानी तो तृतीय चरण में दिनांक 28 जून 2021, दिन- सोमवार को दोपहर 1:30 बजे , भोजन अवकाश के समय सभी जिला मुख्यालय में जिला अध्यक्षों द्वारा अपनी पूरी टीम के साथ जिला कलेक्टर के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी को पदोन्नति में आरक्षण की बहाली को लेकर ज्ञापन सौंपा जावेगा।
तृतीय चरण में भी यदि सरकार द्वारा हमारी जायज मांगों को अनसुना करती है तो चौथे चरण में सड़क की लड़ाई लड़ने हेतु हम बाध्य होंगे। चौथे चरण में दिनांक 26 जुलाई 2021 ,दिन – सोमवार को दोपहर 1:30 बजे रायपुर के बूढ़ा तालाब धरना स्थल में इकट्ठा होकर मुख्यमंत्री निवास मांगों को लेकर विराट रैली प्रदर्शन करेगी या फिर उस तिथि में विधानसभा सत्र चल रहा होगा तो विधानसभा भवन तक रैली प्रदर्शन कर माननीय मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जावेगा।
संगठन द्वारा आह्वान किया गया है कि निर्धारित कार्यक्रम अनुसार अनुसूचित जाति , अनुसूचित जनजाति वर्ग के साथ हो रहे शोषण, अन्याय, अत्याचार के खिलाफ आंदोलन में सम्मिलित होकर, सामाजिक एकजुटता का परिचय देते हुए भागीदारी सुनिश्चित करे।