जिला शिक्षा अधिकारी सहित 3 सस्पेंड:अनुकंपा नियुक्ति के लिए 35 हजार की रिश्वत, कहा था- बिना रुपए लिए हम किसी की नियुक्ति नहीं करते; लेखपाल और शिक्षक भी निलंबित

बालोद

अनुकंपा नियुक्ति के लिए 35 हजार की रिश्वत, कहा था- बिना रुपए लिए हम किसी की नियुक्ति नहीं करते; लेखपाल और शिक्षक भी निलंबित|बालोद,Balod - Dainik Bhaskar

रिश्वत देकर नियुक्ति की बात तरुणा के पिता को पता चली तो वो काफी नाराज हुए। उन्होंने इस पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से की।

छत्तीसगढ़ के बालोद में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) सहित शिक्षा विभाग में पदस्थ लेखपाल और भरदा माध्यमिक स्कूल के शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है। सभी के ऊपर अनुकंपा नियुक्ति के लिए महिला से 35 हजार रुपए रिश्वत मांगने का आरोप है। मामले की जांच के बाद निलंबन की कार्रवाई की गई है। छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग के अवर सचिव सरोज उईके ने आदेश जारी किया है।

जानकारी के मुताबिक, तरुणा बेलचंदन की सहायक ग्रेड-3 के पद पर अनुकंपा नियुक्ति होनी थी। आरोप है कि इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी आरएल ठाकुर, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ लेखपाल महेन्द्र कुमार चंद्राकर और पूर्व माध्यमिक शाला भरदा विकासखंड डोंडीलोहरा में पदस्थ शिक्षक जितेंद्र देशमुख ने 35 हजार रुपए रिश्वत ली थी।

नौकरी करनी है तो रुपए देने होंगे

बताया जा रहा है कि, जिला शिक्षा विभाग में अनुकंपा नियुक्ति में बिना रिश्वत दिए काम नहीं होता। तरुणा बेलचंदन ने भी अपने पति की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन दे रखा था। आरोप है कि DEO ने साफ कह दिया था कि बिना रुपए लिए हम किसी की नियुक्ति नहीं करते है। नौकरी करनी है तो रुपए देने होंगे। तरुणा ने 35 हजार रुपए की व्यवस्था की। उसके बाद उन्हें ज्वाइनिंग लेटर दिया गया।

रिश्वत कांड की गूंज मुख्यमंत्री तक पहुंची
रिश्वत देकर नियुक्ति की बात तरुणा के पिता को पता चली तो वो काफी नाराज हुए। उन्होंने इस पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से की। उसके बाद मुख्यमंत्री ने मामले की जांच करने के लिए संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए थे। इसकी शिकायत मिलने के बाद संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग ने पूरे मामले की जांच की। शिकायत सही मिलने पर तीनों कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई।