छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी तहसील डौडी अनिश्चित कालीन धरना

जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज सम्मानीय प्रदेशवासियों सगा जनों छत्तीसगढ़ राज्य का 60% क्षेत्र संवैधानिक रूप से अनुसूचित क्षेत्र है यहां कुल जनसंख्या का 1/3 भाग लगभग 85 लाख जनसंख्या मूलनिवासी आदिवासियों का है राज्य गठन के बाद आदिवासी समाज अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष करता रहा है लोकसभा विधानसभा परिसीमन पेशा कानून 32% आरक्षण फर्जी जाति प्रकरण विस्थापन अत्याचार निजी करण भूमि अधिग्रहण जैसे विषयों पर लोकतांत्रिक तरीके से ज्ञापन धरना एवं प्रदर्शन चक्का जाम भी किए कुछ सफलता मिली पर आज शासन के लापरवाही एवं संवेदनशील के कारण समस्या के विकराल रूप से आदिवासियों का अस्तित्व खतरे में है 19 फरवरी 2018 रावण भाटा मैदान रायपुर में 21 सूत्री मांगों के लिए विशाल सभा प्रदर्शन और जनसभा में कुछ वर्तमान विधायक भी सहभागी गवाह है सरकार बदल गई लेकिन आदिवासी समाज के संविधानिक मांगों से एक भी मांग पूर्ण नहीं हुआ और ना ही इस पर कोई सार्थक पहल शासन प्रशासन से हो रहा है अपने नैसर्गिक न्याय सार्वजनिक अधिकार अस्तित्व की रक्षा और आने वाले पीढ़ी के रक्षा हेतु एक उलगुलान एक सतत आंदोलन 19 जुलाई 2021 से ब्लॉक स्तर पर आज से प्रारंभ हुआ समाज के संविधानिक अधिकार प्रमुख मांग इस प्रकार है १. बस्तर संभाग में हजारों निर्दोष आदिवासियों को नक्सली नक्सली सहयोगी बता कर जेल में बिना कारण बंदी बनाकर रखा गया जिसका निष्पक्ष जांच कराकर निशांत रिहाई किया जाए फर्जी तरीके से मारे गए आदिवासी परिवारों को जैसे सरकेगुडा ताड़मेटला गोमपाड गुंडा 50 लाख रुपए दिए जाएं एवं दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए जिले में निर्दोष ग्रामीणों में मृत व्यक्तियों के परिवार को 50लाख एवं घायलों को 5 लाख तथा मृतक के परिवारों के सदस्य कोई योग्यता अनुसार शासकीय सेवा प्रदान किया जाए (२ ) प्रदेश में नक्सल समस्या के स्थाई समाधान हेतु शासन तत्काल पहल करें नक्सल प्रभाव के कारण प्रदेश के बाहर गए लोगों को वापस लाया जाए( ३) पेशा कानून का शीघ्र कियान्वयन करें (४) पदोन्नति मैं आरक्षण लागू करें वर्षों से लंबित बैकलॉग पदों पर शीघ्र भर्ती शुरू किया जाए (५)नई भर्तियां में आरक्षण रोस्टर के अनुसार भर्ती किया जाए स्वामी आत्मानंद स्कूल की में भर्ती में आरक्षण का पालन करें पांचवी अनुसूची में महाराष्ट्र राज्य की तरह तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी में रोस्टर के अनुसार भर्ती हो (६)वनअधिकारी कानून 2006 के तहत सामुदायिक संशोधन को सम्मान देकर उनका प्रबंध एवं नियंत्रण ग्राम सभाओं को सौंपा जाए( ७)प्रदेश में खनिज जैसे कोयला लोहा उत्खन्न हेतु जमीन अधिग्रहण के जगह जमीन लीज पर लिया जाए जमीन मालिक को शेयर होल्डर बनाया जाए और खनिज जैसे रेत गिट्टी अधिकार ग्राम सभा को(९) छत्तीसगढ़ प्रदेश के 18जन जातियों का मात्रात्मक त्रुटि में सुधार किया जाए एवं जाति प्रमाण पत्र जारी करें अनुसूचित जनजातियों का जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं करने वाले संबंधित अधिकारी पर दंडात्मक कार्यवाही करें(१०) फर्जी जाति प्रमाण पत्र धारी शासकीय सेवा एवं प्रतिनिधियों को तत्काल बर्खास्त कर कारवाई किया जाए(११) छात्रवृत्ति योजना में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को निर्धारित किए जाए 250000 को तत्काल समाप्त किया जाए (१२)आदिवासी समाज के बहन बेटियों को बाहला फुसलाकर उससे शादी करके उनके नाम से संपत्ति अर्जित करने एवं राजनीतिक लाभ लेने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई किए जाए और संपत्ति वापस किए जाएं (12 )आदिवासी सलाहकार परिषद का गठन निम्नानुसार किया जाए आदिवासी सलाहकार परिषद का एक नियमित कार्यालय होना चाहिए जहां आ ज जा वर्ग के लोग अपनी समस्या एवं विचार रख सके सलाहकार परिषद का अध्यक्ष आदिवासी समाज से नियुक्त किया जाए १३) पांचवी अनुसूची के क्षेत्र में पैसा प्रावधान के अनुसार नगरी निकाय मंडी बोर्ड को ऑपरेटिव सोसाइटी मंडी ग्राम पंचायत समितियों में अध्यक्ष का पद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित किया जाए (१४) पांचवी अनुसूची क्षेत्र में नगर पंचायतों को वापस ग्राम पंचायतों को जोड़ा जा रहा है इसे तत्काल बंद करें १५)आदिवासी एवं आदिवासी बहन बेटियों के साथ हो रहे अन्याय अत्याचार कार्यकाल अपराधिक प्रकरण दर्ज कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई किया जाए १६) छत्तीसगढ़ प्रदेश में विधि सम्मत बताए गए विदेशियों के अवैध रूप से आदिवासी क्षेत्र में रह रहे विदेशी घुसपैठियों की संख्या हजारों में है उसका निष्पक्ष जांच कर उन्हें आदिवासी से बाहर किया १७)आदिम जाति कल्याण विभाग के द्वारा संचालित स्कूलों को शिक्षा विभाग में शामिल कर दिया जाए उन सभी शिक्षण संस्थाओं को आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित किया जाए(१८) कबीरधाम जिले में लगभग 90 ग्राम पंचायत क्षेत्र में 120 गांव की आबादी लगभग 1लाख 50 हजार के आसपास बैगा जनजाति अपनी रीति रिवाज जीवन यापन कर रहे हैं 5 अनुसूचित क्षेत्र घोषित किया जाए १९)टाइगर रिजर्व के नाम पर आदिवासियों को बेदखल किया जा रहा है जिसके तहत भोरमदेव टाइगर रिजर्व सीता नदी अभ्यारण अभ्यारण उदंती अभ्यारण में प्रस्ताव पर रोक लगाया जाए आदिवासी परिवार गांव का पूरा एवं किया जाए क्षेत्र हसदेव अरंड एवं ग्राम सभा आंदोलन किया जाए धारा के तहत कोई भी जाता है लेकिन शासन और प्रशासन के कमजोरी के कारण कब्जा नहीं मिल पाता अनुसूचित जनजाति अत्याचार अधिनियम के प्रधान होते हुए भी जमीन कब्जा मामलों पर भी कार्रवाई करने के लिए इंकार करते हैं रोजगार आदिवासियों को बेरोजगारी भत्ता दिया जाए और योगी क्षेत्र में किसी भी आदिवासी के पास एक भी फैक्ट्री नहीं है ऐसा एवं उद्योग क्षेत्र में बढ़ावा दिया जाए जनगणना में आदिवासी की जनसंख्या भूमि अधिकरण के कारण विस्थापित एवं का आतंक लगातार कम हो रही है साथ ही काम किया जा रहा है इसे तत्काल संज्ञान में लिया जाए संविधानिक अधिकार एवं मांगों के लिए सब आदिवासी समाज सड़क के लिए विधानसभा विधानसभा से लेकर लोकसभा तक जाएंगे जय जोहार जय छत्तीसगढ़ बिगुल बज गया महा क्रांति का विरोध दिखाना है कायर नहीं कहां है।