छत्तीसगढ़ में बढ़ते अपराधों को रोकने आईजी करेंगे जिलों का आकस्मिक निरीक्षण

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डीजीपी डीएम अवस्थी ने पुलिस महानिरीक्षकों को समीक्षा बैठक में दिये निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बढ़ते अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और लंबित मामलों का निस्तारण करने के लिए पुलिस महानिरीक्षकों को जिलों का आकस्मिक निरीक्षण करने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप अपराधों पर प्रभावी रोकथाम लगाने के लिए डीजीपी डीएम अवस्थी ने राज्य के सभी रेंज के पुलिस महानिरीक्षकों की समीक्षा बैठक ली।

बैठक में चिटफंड के मामलों में निवेशकों को धन वापसी, आदिवासियों पर दर्ज प्रकरणों की वापसी एवं राजनैतिक प्रकरणों की वापसी, अवैध शराब, सट्टा के विरुद्ध की जाने वाली कार्रवाई एवं लंबित प्रकरणों का निराकरण रेंज स्तर पर अभियान चलाकर कार्रवाई हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।

डीजीपी श्री अवस्थी ने सभी पुलिस महानिरीक्षकों को निर्देश दिये कि राज्य शासन के सर्वोच्च प्राथमिकता के बिंदुओं पर तत्परता से कार्रवाई करें। उन्होंने सभी महानिरीक्षकों को निर्देश दिये कि उपरोक्त बिंदुओं पर प्रत्येक माह पुलिस अधीक्षकों की समीक्षा बैठक आयोजित करें।

उन्होंने कहा कि चिटफंड के प्रकरणों में शीघ्रता से कार्वराई करें जिससे निवेशकों को शीघ्रता से धन वापसी कराई जा सके। अवैध शराब, जुआ, सट्टा के कारोबार पर रोक लगाने हेतु प्रभावी कार्रवाई करें। अपराधों पर रोकथाम के लिये पुलिस महानिरीक्षक रेंज के सभी जिलों का आकस्मिक निरीक्षण करें ।

पुलिस की प्राथमिकता पीड़ितों को न्याय दिलाना

डीजीपी श्री अवस्थी ने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता पीड़ितों को न्याय दिलाना है, इसके लिये लंबित प्रकरणों की शीघ्रता से जांच कराकर अपराधियों को सजा दिलायें। डीजीपी ने पुलिस विरूद्ध शिकायतों की अविलंब जांच के निर्देश दिये।

बैठक में पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग विवेकानंद, रायपुर डॉ आनंद छावड़ा, बिलासपुर/सरगुजा रतन लाल डांगी, बस्तर सुंदरराज पी, पुलिस महानिरीक्षक सीआईडी सुशील चंद द्विवेदी, सहायक पुलिस महानिरीक्षक यूबीएस चौहान, निरीक्षक आर एस पांडेय उपस्थित रहे।