विधानसभा घेरने जा रहे सरकारी कर्मचारियों की पुलिस से झड़प, नेता सोहन पोटाई बोले- 2023 में कांग्रेस को सिखाएंगे सबक

जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज विधानसभा घेरने जा रहे सरकारी कर्मचारियों की पुलिस से झड़प, नेता सोहन पोटाई बोले- 2023 में कांग्रेस को सिखाएंगे सबक

रायपुर। प्रदेश भर से राजधानी रायपुर आए जनजाति वर्ग के सरकारी कर्मचारी और आदिवासियों ने आज सोमवार को राज्य सरकार के खिलाफ हल्ला बोला है। इस दौरान सैकड़ों लोगों ने रायपुर स्थित बूढ़ापारा में धरना दिया। इसके बाद रैली लेकर विधानसभा का घेराव करने निकल पड़े। लेकिन पुलिस ने रास्ते में रोकने की कोसिस की तो प्रदर्शनकरियों और  पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हो गई।

पुलिस की टीम ने भी आदिवासियों को रोकने का बहुत प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी वहीं सड़क पर बैठ गए और धरना देना शुरू कर दिया और लड़ेंगे जीतेंगे के नारे के साथ डटे रहे।

बता दें अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ और छत्तीसगढ़ के सर्व आदिवासी समाज से जुड़े तमाम प्रदर्शनकारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर रायपुर पहुंचे थे। उनके प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने भी सप्रे स्कूल के पास बैरिकेड लगा रखा था।

इन मांगों को लेकर आदिवासियों और जनजाति वर्ग के सरकारी कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन

अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ के आरएप ध्रुव ने बताया कि जनजाति वर्ग के कर्मचारियों को नौकरी में प्रमोशन के मामले में अनदेखा किया जा रहा है। हम चाहते हैं असंवैधानिक पदोन्नति पर तत्काल रोक लगाएं, फर्जी जाति प्रमाण पत्र धारियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई किए जाने, स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल स्टाफ की भर्ती में अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के युवाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिए जाने की हम मांग कर रहे हैं।

भाजपा की तरह कांग्रेस को भी सबक सिखाएगे आदिवासी 

पूर्व सांसद और छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के नेता सोहन पोटाई ने कहा कि पिछले ढाई साल में प्रदेश की सरकार ने आदिवासियों और जनजाति वर्ग के सरकारी कर्मचारियों की उपेक्षा की है। अब 2023 में आदिवासी कांग्रेस की उपेक्षा करेंगे। कांग्रेस को आदिवासियों की कोई चिंता नहीं है। उनके हक में सरकार काम नहीं कर रही है। जैसे भाजपा को आदिवासियों ने सबक सिखाया था, कांग्रेस को भी सिखा देंगे। अब कांग्रेस से आदिवासियों का मोह भंग हो चुका है।

नेता सोहन पोटाई ने आगे बताया कि आदिवासियों से जुड़ी मांगों पर यदि सरकार ने फौरन गौर नहीं किया तो हम प्रदेश में 30 जुलाई से आर्थिक नाकेबंदी करेंगे। व्यापारिक गतिविधियों को चलने नहीं दिया जाएगा। प्रदेश में चक्काजाम किया जाएगा और इसकी जिम्मेदार कांग्रेस सरकार होगी।