नाले में पानी और रास्ता बन्द विकास को तरसता क्षेत्र और जवाबदार ख़ामोश – आनंद सिंह*

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*वैसे तो विकास की बात हर सरकार राजनीतिक दल नेतागण हर कोई करता है परन्तु जब विकास की खोज उन स्थानों पर की जाती है जहा मुख्य रूप आवश्यकता है वहां की स्थिति कुछ यूं देखी जाती है वहां ये विकास कागज़ों तक सीमित होकर रह जाती है*
*बीते दिनों ग्राम पंचायत कुलही डोंगरी में उसके आसपास के पाच गांव के जागरूक ग्रामीण जनों द्वारा बैठक रखी गई जिसमे उनके द्वारा पंडरिया से जनसेवक आनंद सिंह को विशेष आमंत्रित कर बैठक में हिस्सा लेने बुलवाया गया उक्त बैठक में ग्रामीणों द्वारा मुख्य रूप से अपने क्षेत्र के सड़को और नदी नालों से जुड़े समस्याओं को रखा जिसपर उपस्थित ग्रामीणों द्वारा क्रमबद्ध तरीके से अपने क्षेत्र की इन समस्याओं के प्रति शासन प्रशासन का ध्यान केंद्रित करते हुवे समस्याओं के निराकरण हेतु आवश्यकता होने पर जन आंदोलन की चर्चा की गई उक्त सम्पूर्ण कार्य हेतु क्षेत्र के लोगो ने आनंद सिंह को अपना नेतृत्वकर्ता घोषित किया है*
*इस विषय पर जानकारी साझा करते हुवे आनंद सिंह ने बताया कि यह क्षेत्र विकास के नाम पर ठगा हुआ है इस क्षेत्र के दस किलो मीटर के दायरे में एक सिंगल मुख्य सड़क है जो पाच गांव को आपस में जोड़ता है परन्तु नदी नालों और कच्चे रास्ते के चलते यह सड़क आज भी याता यात हेतु दुर्गम है बरसात के दिनों नदी नालों में पानी आ जाने से ये क्षेत्र एक अलग टापू बन जाता है लोग मुख्यालय से महीनों कट जाते है इन दिनों इस क्षेत्र के लोग हॉस्पिटल, राशन, स्कूल और अन्य रोजमर्रा के वस्तुओं के लिए नदी, नालों और कच्चे रास्ते के कारण बाहर नहीं निकल पाते*

*इन कारणों के चलते अब सब्र का बांध टूट गया है अगर शासन प्रशासन को इस क्षेत्र के लोगो की सुध नहीं तो उन्हे अब अपने तरीके से क्षेत्र के लोगो के माध्यम से जगाने का काम किया जाएगा*