रुद्री वासियों का हम सबको कृतज्ञ होना चाहिए जिनके त्याग के बदौलत हम सब समृद्धि की ओर आगे बढ़ रहे हैं*

जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज  विश्वआदिवासी महापर्व रुद्री में हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया*

आदिवासी गोंड़ समाज विकास समिति रुद्री मुड़ा क्षेत्र बेंद्रानवागांव द्वारा विश्व आदिवासी दिवस का आयोजन अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष आर एन ध्रुव, जिला पंचायत सदस्य खूब लाल ध्रुव, जनपद सदस्य गजेंद्र पिंकू साहू, सरपंच रुद्री श्रीमती अनीता यादव एवं जोहन कुंजाम की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
विश्व आदिवासी दिवस आयोजन के संबंध में प्रांताध्यक्ष श्री ध्रुव जी ने बताया कि 1994 में अपने गठन के 50 वर्ष बाद संयुक्त राष्ट्र संघ में यह महसूस किया कि 21वीं सदी में भी विश्व के विभिन्न देशों में निवासरत जनजाति, मूलनिवासी ,आदिवासी समाज अपनी उपेक्षा, गरीबी, अशिक्षा, स्वास्थ्य सुविधा का अभाव ,सरकार के बड़े बड़े उद्योग एवं सिंचाई बांध के कारण विस्थापन ,बेरोजगारी एवं बंधुआ मजदूर जैसे समस्याओं से जूझ रहे हैं इसके निराकरण हेतु 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस पूरे दुनिया भर में मनाने का फैसला लिया गया है। उसी कड़ी में आज हम सब विश्व आदिवासी दिवस का महापर्व को मना रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ की मंशा के अनुरूप हम सबको समय के साथ शिक्षा रूपी अस्त्र को अपना कर हमें समाज की मुख्यधारा में जुड़ना होगा। उन्होंने कहा कि रुद्री गांव धार्मिक एवं सांस्कृतिक रूप से समृद्ध है। रुद्री के त्याग , तपस्या के फल स्वरुप रुद्धेश्वर महादेव की कृपा से छत्तीसगढ़ के रायपुर, बलोदा बाजार, धमतरी जिला महानदी से निकले मुख्य नहर से जाने वाली पानी से सिंचाई के माध्यम से समृद्ध हो रहा है। यहां के मूल निवासियों का हम सबको कृतज्ञ होना चाहिए जिनके विस्थापन त्याग के बदौलत हम सब समृद्धि की ओर आगे बढ़ रहे हैं।इस अवसर पर पूरे गांव में शोभा यात्रा निकाली गई। मरादेव के युवा प्रभाग द्वारा सुंदर रेला-पाटा सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किए। मुड़ा परिक्षेत्र से बड़ी संख्या में सामाजिक जन कार्यक्रम में उपस्थित थे।