आदिवासी ग्राम देवताओंं को हिन्दुकरण की कोशिश*

जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज पाखंडी बाबा बालक दास ने आदिवासियों के आस्था केन्द्र जामडी पाट को पाटेश्वर धाम बनाकर हिन्दुकरण कर दिया उसके बाद क्षेत्र के हजारों लोगों को कट्टर हिन्दू वादी बनाकर आरएसएस का एजेंट बना रहा है उसी क्रम में डोकला ( खडगांव ) ग्राम के देव धारा ( देव झरन ) को हिन्दू करण करते हुए गंगाधाम करने का कोशिश कर रहा है
ग्राम वासीयों के अनुसार गाँव के 9 परिवार के लोग उनका सपोर्ट बालकदास को बुलाये है बाकि के ज्यादातर लोग कार्यक्रम का विरोध कर रहे हैं और कल के विरोध प्रदर्शन की सूचना देने खडगांव थाना गये हैं
चूंकि अवकाश के कारण एसडीएम आफिस बंद है इस वजह से एसडीएम को सुचना नही हो रहा है
हमारे संस्कृतिक, कल्चर, जो हमारे कई पीढ़ी के पूर्वज एवं वीर योद्धाओं के बलिदान से सभाल कर रखे थे उसे प्रभवित किया जा रहा है और हम सब ख्मोसी और चुपी सादे हुवे हैं
: ग्रुप के सभी सम्माननीय मित्रों को सेवा जोहार
साथियों आप सभी को देव दाहरा डोकला ( खड़गांव ,गोटाटोला ) के संबंध में सोशल मीडिया के माध्यम से पता चल चुका है आज सुबह से अब तक जब ये संदेश पढ़ रहे होंगे तब क्रिया/प्रतिक्रिया मिल रहा है आप सभी का सकारात्मक सोच का परिणाम है कि देव दाहरा ग्राम डोकला नार व्यवस्था के तहत निवासरत सभी वर्ग कांवड़ यात्रा तथाकथित बालक दास के विरोध में खड़ा हो चुके कि जानकारी मा.अनुविभागीय दंडाधिकारी के नाम जानकारी अपने नजदीकी थाने में दर्ज कर चुके हैं हमें आप सभी को ग्रामीणों की मनोबल को ध्यान में रखकर और मा.अध्यक्ष महोदय युवा प्रभाग और सर्व आदिवासी समाज के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन अभियान के ओर से अपील को सम्मान करते हुए तथाकथित कांवड़ यात्रा के जल लेने के पहले विरोध के लिए सामने आना होगा इस हेतु कल 21.08.2021 दिन शनिवार समय सुबह के ठीक 07.30 से 08 बजे के पहले अपने अपने सुविधानुसार गोटाटोला पहुंचना है प्राप्त जानकारी अनुसार ग्रामवासी हमारे पहुंचने के पहले शरद सिवा प्रवेश द्वार में पहुंच गए रहे होंगे हम सब को नियत समय पर पहुंच कर विरोध दर्ज करना है।औंधी मोहला मानपुर अपने रुट से शामिल होंगे । छुरिया,खुज्जी ,बांधा चिल्हाटी चौकी गोटाटोला में शामिल होंगे । बालोद जिले के साथी डौंडीलोहारा,राजहरा,डौंडी सीधे गोटाटोला अच्छा होता गुडंरदेही,गुरूर ,बालोद राजहरा से मानपुर चौक होते हुए निर्धारित स्थल पर पहुंचे ।
अतः सभी मित्रों से पदाधिकारियों से निवेदन है कि हमारे पुरखों के मान सम्मान को ध्यान में रखकर नैसर्गिक संपदा का संरक्षण, संवर्द्धन करने अधिक से अधिक संख्या में पधारकर सहभागिता प्रदान करेंगे ।
टीप :-समय को विशेष ध्यान दिया जाए ।
स्वयं व्यवस्था स्वयं सेवा ।
एक तीर एक कमान ,
सर्व आदिवासी समाज एक समान ।
सेवा जोहार
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