गोंडी भाषा को पाठ्यक्रम में सम्मिलित कराने हेतु पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी से संगठन के पदाधिकारी मिले

जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज
अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ छत्तीसगढ़ द्वारा पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी से सौजन्य भेंट कर आदिवासी क्षेत्रों में गोंडी भाषा सहित अन्य स्थानीय भाषा को छत्तीसगढ़ के पाठ्यक्रम में सम्मिलित करने हेतु चर्चा किए। श्री त्रिवेदी जी ने कहा कि गोंडी भाषा सहित अन्य स्थानीय भाषा के प्रचार-प्रसार, संरक्षण संवर्धन हेतु सरकार कटिबद्ध है। इस हेतु सभी स्थानीय भाषा के पुस्तकों को पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा संकुल स्तर तक पूरे छत्तीसगढ़ में शत-प्रतिशत भेज चुकी है। आगे स्कूल में स्थानीय भाषा को पढ़ाए जाने हेतु पहुंचाए जाने की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की है। यदि किसी भी स्थान में पुस्तक नहीं पहुंचा हो तो सीधे मुझे अवगत कराएं जिससे इन पुस्तकों की उपलब्धता उस स्कूल तक हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि भारत के संविधान की जानकारी सभी लोगों तक हो इसलिए पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा भारत के संविधान की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचे ऐसा प्रयास कर रही है।
इस अवसर पर प्रांताध्यक्ष आर एन ध्रुव ,सेवानिवृत्त डीआईजी अकबर राम कोर्राम, प्रांतीय कोषाध्यक्ष एनआर चंद्रवंशी एवं नागेश जी उपस्थित थे।