छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आव्हान पर छत्तीसगढ़ राज्य में सामूहिक अवकाश

रायपुर जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आव्हान पर छत्तीसगढ़ राज्य में सामूहिक अवकाश आंदोलन के अभूतपूर्व सफलता से प्रदेश के सरकारी कामकाज पूर्ण रूपेण ठपप रहे। रायपुर राजधानी में रविशंकर विश्वविद्यालय एवं नगर निगम रायपुर के कर्मचारियों अधिकारियों के शामिल हो जाने से वहां भी ताले लटके रहे। रायपुर राजधानाी की सभा में 5 हजार से अधिक शासकीय सेवकों के जन सैलाब से धरना स्थल खचाखच भरा रहा।

आज प्रदेश के समस्त अधिकारी कर्मचारी प्रंातव्यापी सामूहिक अवकाश लेकर जिला तहसील विकासखण्डों में धरना प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबांेधित ज्ञापन सौपे। राजधानी के धरना स्थल पर भी कलेक्टर के प्रतिनिधि तहसीलदार को मंहगाई भत्ता सहित 14 सूत्रीय मांगपत्र सौपा गया। राजधानी के संचालनालय इंद्रावती भवन भी बंद रहा।

छग.कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा एवं प्रमुख प्रवक्ता विजय कुमार झा, ने बताया है कि ‘‘कलम रख-काम बंद आंदोलन‘‘ के तहत 28 प्रतिशत् लंबित मंहगाई भत्ता, वेतन विसंगति सहित 14 सूत्रीय मांगों की ओर शासन का ध्यान आकृष्ट करने हेतु एक दिवसीय सामूहिक अवकाश आंदोलन में राजधानी के समस्त कार्यालय, शालाएं बंद कर प्रातः 11 बजे धरना स्थल पर पहुंचने लगे थे। सबसे विकट स्थिति अधिकारियों की हुई क्योकि वाहन चालकों ने अपनी चांबीयां उन्हें सौप दी थी। नगर निगम कर्मचारी संतोष पाण्डेय विवेकानंद दुबे व अजय वर्मा के नेतृत्व में रैली के रूप में भाग लिया। इसी प्रकार प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संध के कर्मचारी ओसीएम चैक से इदरीश खाॅन, उमेश मुदलियार के नेतृत्व में सभा स्थल पर नारेबाजी करते हुए पहुंचा। रविशंकर विश्वविद्यालय के शिक्षक कर्मचारी वाहन रैली में धरना स्थल में शामिल हुए। आंदोलन में सभी कार्यालय स्कूल के साथ इं्रदावती भवन, नवा रायपुर स्थित समस्त विभागाध्यक्ष कार्यालय, कमिश्नर कार्यालय, कलेक्टर कार्यालय आबकारी, खनिज, संभाग जिला कोषालय,नगर निगम भिलाई, दुर्ग वाणिज्यकर, जिला शिक्षा विभाग, जिला पंजीयक, वन विभाग, लोक निर्माण, लोकस्वास्थ याॅत्रिकी, जल संसाधन विभाग, राजस्व पंचायत कृषि, पंजीयक कार्यालय, जिला पंचायत, उद्योग विभाग, स्वास्थ सेवाएं, आरईएस. श्रम विभाग, श्रम न्यायालय, आयुर्वेद विभाग,परिवहन कार्यालय जैसे प्रमुख विभाग में कार्य प्रभावित होने से सरकार को करोड़ो रूपये का नुकसान हआ। प्रदेश के समस्त जिला, तहसील, विकास खण्ड के कार्यालय, शालाएं बंद रही। पंचायतों में भी कार्य प्रभावित हुआ। आंदोलनकारियों की सभा को संयोजक कमल वर्मा, बिन्देश्वरी राम रौतिया, बी.पी.शर्मा, सतीश मिश्रा, आर.के.रिछारिया, मूलचंद शर्मा, संजय सिंग, मनीष ठाकुर, श्रीमती याचना शुक्ला, जी.एस.यादव, सुनील नायक, संतोष पाण्डेय, प्रदीप मिश्रा, तुलसी राम साहू, पंकज पाण्डेय, पूर्व प्रांताध्यक्ष विजय कुमार पाठक, चन्द्रशेखर तिवारी, एम.एल.चन्द्राकर, केदार जैन, लैलून प्रांताध्यक्ष, हरिमोहन सिंह, राकेश शर्मा, विवके दुबे, डी.एल.चैधरी, कौशल अग्रवाल, अजय तिवारी, रायपुर ट्रेड यूनियन कौंसिल संयोजक एच.पी.साहू, दिलीप झा, मनोहर लोचनम् दिनेश मिश्रा, सत्येन्द्र देवाॅगन,रामसागर कोसले, आदि नेताओं ने संबोधित किया। शीध्र फेडरेशन की प्रांतीय बैठक राजधानी में आयोजित कर आगे के आंदोलन की रूपरेखा तय की जावेगी।