आपके भगवान ने इंसान प्रजाति को कमजोर बनाया था.

*आपके भगवान ने इंसान प्रजाति को कमजोर बनाया था. अन्य प्रजातियों को बनाने वाले भगवान ने इन प्रजातियों को काफी मजबूत और शक्तिशाली बनाया था.*

*इंसानी प्रजाति के पास पत्थरों और हड्डियों से बने औजार थे, इसके बावजूद वे भय में रहते. लाखो सालों तक इंसानों ने छोटे जनवारों का शिकार किया और खुद बड़े जनवारों का शिकार बनाए जाते.*

*20 लाख सालों तक इंसानी प्रजाति पृथ्वी के सबसे कमजोर प्राणी थे. इंसान को देखकर शेर नही डरता, बल्कि शेर को देखकर इंसान डर जाता.*

*शेर के हमले से बचने के लिए हिरणों ने तेज दौड़ना शुरू किया. इंसान छुपने लगा, शेर की दहाड़ सुनकर पेड़ों पर चढ़ जाते.*

*इंसान प्रजाति ने देखा शेर के झुंड ने जिराफ का शिकार किया. इंसान छुपकर धीरज के साथ अपनी बारी की प्रतीक्षा करता. शेरों का बचा जूठन खाने की बारी लकड़बग्घों की आती. लकड़बग्घों को भी भगाने की औकात इंसानी प्रजाति में नही थी.*

*इसके बाद इंसानी प्रजाति इधर उधर देखते हुए काफी सावधानी से आगे बढ़ते हुए बचे खुचे मृत जानवर के जूठन मांस पर झपटेंगे. देवताओं के बनाए इंसानों की बड़ी बुरी हालत थी.*

*कभी कभार इंसान बड़े जनवारों का शिकार कर लेते. 3,00,000 साल पहले इंसानों ने आग को नियमित रूप से इस्तेमाल करना शुरू किया. आग से इंसानों ने मांस को पकाकर खाना सीख लिया और खूंखार जनवारों को भी भगाना सीख लिया.*

*इंसान के पास औजार है आग भी है लेकिन वे अभी तक पृथ्वी पर सबसे कमजोर और महत्वहीन क्यों बने हुए हैं. 70,000 और 30,000 साल के बीच में ऐसा क्या हुआ कि इंसानों ने पृथ्वी पर सबसे ताकतवर प्रजाति के रूप में दस्तक दी ?*

*इंसानी प्रजाति को पृथ्वी पर विजेता बनने में ना औजार ना आग का योगदान है, वह है भाषा का ज्ञान. भाषा के आविष्कार ने इंसानी प्रजाति को विश्व विजेता बना दिया.*

*जानवर खतरों का आभास होते ही एक दूसरे को खास आवाजों से सचेत करते. इंसान ने इससे आगे बढ़कर ध्वनियों और संकेतों की सीमित संख्या जोड़कर अंतहीन वाक्य बनाना सीख लिया.*

*अब इंसान आपस में बेहद लंबी और सटीक संवाद प्रणाली स्थापित कर शिकार करने की रणनीति बनाता. मिलकर एक नीति के तहत, घेर कर घात लगाकर बड़े जनवारों पर हमला करते. शेर और अन्य बड़े जनवारों ने इंसानी झुंड से डरना सीख लिया.*

*अब शेर इंसानों पर घात लगाकर पीछे से या रात को हमला करने लगे जब इंसान नींद के आगोश में होता है. भाषा ज्ञान केवल होमो सेपियंस के मस्तिष्क में फूटा. सरल भाषा में होमो सेपियंस के डीएनए में म्युटेशन हुआ.*

*होमो सेपियंस ने अन्य इंसानी जिंदगी को खत्म कर दिया. भाषा ज्ञान हासिल करने के बाद इंसान ने पीछे मुड़कर नही देखा. अपनी अलग अलग भाषाओं में इंसानों ने धर्म ग्रंथ लिखकर धर्म और देवताओं का आविष्कार किया*