अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ जिला नारायणपुर, कोंडागांव के संयुक्त बैठक में लिए गए अहम फैसले

जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज 14 सितंबर संगठन का प्रथम संभागीय सम्मेलन बस्तर में होगा
अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ छत्तीसगढ़ जिला नारायणपुर एवं कोंडागांव का संयुक्त बैठक प्रांताध्यक्ष आर एन ध्रुव जी के विशेष उपस्थिति में कोंडागांव में संपन्न हुआ। इस अवसर पर बैठक को संबोधित करते हुए प्रांताध्यक्ष ध्रुव जी ने सरल,सीधा और स्पष्ट शब्दों में पूरी विनम्रता के साथ संगठन के सभी गतिविधियों को विस्तार पूर्वक रखते हुए कहा कि अनुसूचित जनजाति वर्ग के अधिकारी कर्मचारियों को शासन जब चाहे तब निलंबन, बर्खास्तगी किए जाने के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का आह्वान किये। बस्तर संभाग में छत्तीसगढ़ में संगठन का प्रथम संभागीय सम्मेलन कर शासन- प्रशासन का ध्यानाकर्षण आदिवासियों के ज्वलंत मुद्दों की ओर कराने हेतु बस्तर संभाग के सभी अधिकारी कर्मचारियों को एकजुटता के साथ संभागीय सम्मेलन की तैयारी हेतु जुटने का अनुरोध किए। बिना जांच पड़ताल किए जिला कोंडागांव के शिक्षक चरण मरकाम को निलंबित किए जाने की निंदा करते हुए मरकाम जी के तत्काल बहाली की मांग करते हुए उनके साथ मारपीट करने वाले लोगों के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट की धाराएं लगाकर कार्यवाही की मांग किये।
प्रस्तावना भाषण रखते हुए प्रांतीय उपाध्यक्ष संभाग प्रभारी सदेसिंह कोमरे जी के द्वारा आदिवासी समाज के 32%आरक्षण को कम करने की हाईकोर्ट में चल रहे याचिका के बारे में बताते हुए कहा कि हम 32% आरक्षण को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अनुभवी अधिवक्ता डॉ के एस चौहान के माध्यम से अपने पक्ष को मजबूती से रख रहे हैं। फर्जी जाति प्रमाण पत्र धारियों को शासकीय सेवा से बाहर करने हेतु लड़ाई तेज करने हेतु संघ फर्जी जाति प्रमाण पत्र धारियों द्वारा लगाए गए स्थगन के खिलाफ शासन प्रशासन के साथ हाईकोर्ट में भी मजबूती से अपना पक्ष रखने हेतु विचार कर रही है। बहुत सारे गंभीर मुद्दों की जानकारी देते हुए एकजुट होकर आगे कार्य करने हेतु ओजस्वी विचारों से सब आदिवासी साथियो को आगे आने का आह्वान किया गया। जिलाध्यक्ष श्री अशोक उसेंडी जिला नारायणपुर अपने जोशीले अंदाज में कहा कि हम कुछ लोग आरक्षण का लाभ लेकर सिर्फ गाड़ी,बंगला और कुछ सुख सुविधा में ही लिप्त हो जाते हैं क्या हमारे दायित्व सिर्फ इतना ही है ? हम सबको अपने स्वार्थ त्याग कर समाज के लिए आगे आना होगा वर्ना उसके गंभीर परिणाम आनेवाले पीढ़ी को होंगे जिसके जिम्मेदार हम सभी होंगे। उन्होंने कहा कि शासकीय सेवक विकास संघ को अपना मातृ संघ समझकर समाज के अधिकारी कर्मचारियों को शत-प्रतिशत जोड़ें। उन्होंने आगे कहा कि अगर 32% आरक्षण कोर्ट में हारने पर कहीं 2012 के बाद शासकीय सेवा में आए साथियों को प्रभावित कर सकता है,अधिकाधिक संख्या में स्वस्फूर्त जुड़ने की अपील करते हुए जिले की तरफ से प्रांतीय संगठन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया गया।तत्पश्चात प्रान्तीय महासचिव श्री मोहन कोमरे जी ने पेन,पुरखा के स्मरण के साथ अपनी बोली,भाषा और संस्कृति को व्यवहार में शामिल करने की बात करते हुए अपने बच्चों को स्थानीय बोली भाषा सिखाए जाने की अपील किए। उन्होंने कहा कि यही हमारी आदिवासी बने रहने की पहचान है। जिसने भी अपनी संस्कृति को भुला वे अनुसूचित जनजाति वर्ग से बाहर हुए हैं। जिलाध्यक्ष कोंडागांव श्री मन्नाराम जी ने अपने विचार रखते हुए चिंता जाहिर किए कि समाज के अधिकारी-कर्मचारी सामाजिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने में ज्यादा रुचि नहीं दिखाते। इन सबको सामाजिक कार्यों से जोड़ने से ही सामाजिक रूप से हम संगठित हो सकेंगे। ब्लाक अध्यक्ष बडेराजपुर,कोंडागांव दोनों के कार्य की प्रंशसा करते हुए प्रांतीय पदाधिकारियों द्वारा सम्मान किया गया। कोंडागांव के सलाहकार नेताम जी ने भी सहयोग व सक्रियता के साथ कार्य करने की जरूरत बताई।मातृ शक्ति के रूप में श्रीमती बृजेश्वरी रावटे ने भी बेहतर काम करने व सहयोग का भरोसा दिया। प्रांतीय सलाहकार डीआईजी सेवानिवृत्त श्री अकबर कोर्राम जी ने 3- एम फॉर्मूला के साथ काम करने की आवश्यकता जाहिर की जिसमे मैन पावर,मनी पॉवर,मॉरल पॉवर (जन बल, धन बल,नैतिकता बल) से निश्चित रूप से सफलता मिलेगी। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. श्री दीपेश रावटे जी ने सभी लोगों का तहेदिल से आभार प्रकट किया और इस पूरे कार्यक्रम का संचालन श्री भागेश्वर पात्र महासचिव जिला नारायणपुर ने आदरणीय हरिवंशराय बच्चन के शानदार पंक्तियों के माध्यम से प्रांताध्यक्ष महोदय की अनुमति से अत्यावश्यक बैठक की समापन की घोषणा किये। कार्यक्रम बहुत ही सफल रहा आगे और भी बेहतर होगा। बैठक में प्रांतीय नारायणपुर जिला प्रभारी श्री सोमेश पात्र और प्रांतीय सचिव श्री जयपाल सिंह ठाकुर जिला महासचिव कोंडागांव रामसिंह नाग,नारायणपुर से श्री कन्हैया उइके,श्री जिवेंद्र ठाकुर, श्री तीरथ कश्यप, श्री बुधसिंह मंडावी,श्री लोकेश मरकाम,श्री संतु नुरेटी सहित बड़ी संख्या में अनुसूचित जनजाति वर्ग के अधिकारी कर्मचारी गण उपस्थित थे।