अदाणी फाउंडेशन के “प्रयास कोचिंग” से तिल्दा क्षेत्र के युवक कर सकेंगे डिफेन्स की तैयारी

Jiwrakhan lal Ushare cggrameen nëws

 

खरोरा – तिल्दा :रक्षा के क्षेत्र में करियर देश में सबसे प्रतिष्ठित एवं सम्मानित करियर में से एक माना जाता है। ऐसे युवा जो उत्साह, साहस एवं चुनौतियों से भरे क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं, उनको सही रास्ता दिखाने का बीड़ा उठाया है अदाणी फाउंडेशन ने। इसी मुहिम के तहत तिल्दा ब्लॉक में “प्रयास कोचिंग केंद्र” शुरू किया गया है जो पुलिस, सेना और अर्द्धसैनिक बलों (सीआरपीएफ, बीएसएफ और आईटीबीपी) की भर्ती परीक्षा में सफल होने का होने का गुर सिखाती है। खास बात यह है कि प्रयास कोचिंग केंद्र” में लिखित व शारीरिक परीक्षा की निःशुल्क तैयारी करायी जा रही है | रायपुर एनेर्जेन लिमिटेड (आरईएल) के आसपास के गांव के शिक्षित युवाओं को रोजगार देने वाली परीक्षा की तैयारी के उद्देश्य से शुरू किये गए “प्रयास कोचिंग केंद्र” में मौजूदा 52 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है | इस कोचिंग में पुलिस, सेना और अर्द्धसैनिक बलों में जाने के इच्छुक अभ्यर्थियों को पाठ्यक्रम के मुताबिक कुशल शिक्षकों के द्वारा तालीम दी जा रही है।

 

आरईएल के आसपास बसे गाँव रायखेड़ा,ताराशिव,खमरिया,बरतोरी,कोनारी, तुलसी, मुरा, गैतरा, मोहरेंगा एवं बहेसर के ऐसे युवक जो देश की रक्षा के लिए अपनी सेवा देना चाहते हैं और अपना भविष्य चुनना चाहते है, उन्हें अक्सर अच्छी कोचिंग के लिए तिल्दा या रायपुर के तरफ रुख करना पड़ता था | अदाणी फाउंडेशन ने ऐसे युवाओं की जरुरत को ध्यान में रख कर उनको उचित मार्गदर्शन देने के उद्देश्य से “प्रयास कोचिंग केंद्र” की स्थापना की।

अदाणी फाउंडेशन के बारे में:

1996 में स्थापित, अदाणी फाउंडेशन वर्तमान में 18 राज्यों में सक्रिय है, जिसमें देश भर के 2250 गाँव और कस्बे शामिल हैं। फाउंडेशन के पास प्रोफेशनल लोगों की टीम है, जो नवाचार, जन भागीदारी और सहयोग की भावना के साथ काम करती है। वार्षिक रूप से 3.2 मिलियन से अधिक लोगों के जीवन को प्रभावित करते हुए अदाणी फाउंडेशन चार प्रमुख क्षेत्रों- शिक्षा, सामुदायिक स्वास्थ्य, सतत आजीविका विकास और बुनियादी ढा़ंचे के विकास, पर ध्यान केंद्रित करने के साथ सामाजिक पूंजी बनाने की दिशा में काम करता है। अदाणी फाउंडेशन ग्रामीण और शहरी समुदायों के समावेशी विकास और टिकाऊ प्रगति के लिए कार्य करता है, और इस तरह, राष्ट्र-निर्माण में अपना योगदान देता है।