यू.एस. दूतावास के कृषि सलाहकार दल ने किया दुर्ग जिले के प्रगतिशील कृषकांे के प्रक्षेत्रों का अवलोकन

जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज

कृषि क्षेत्र में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किये जा रहे उत्कृष्ट कार्र्याें की सराहना की

रायपुर, 17 सितम्बर, 2021। अमेरिकी दूतावास, नई दिल्ली के श्री राॅन वेरडांक कैरियर – मिनिस्टर काउंसलर फाॅर एग्रीकल्चरल अफेयर्स, यूनाईटेड स्टेट डेवलेपमेंट आॅफ एग्रीकल्चर एवं डाॅ. संतोष कुमार सिंह, कृषि वैज्ञानिक, अमेरिकी दूतावास, नई दिल्ली ने कृषि विज्ञान केन्द्र, पाहंदा (अ) दुर्ग के तकनीकी मार्गदर्शन में संचालित विभिन्न कृषि एवं संबंधित अनुसंधान कार्याें का अवलोकन किया। भ्रमण के दौरान दुर्ग जिला के विकासखंड पाटन के ग्राम-औंरी, औंधी, अमेरी, घुघवा, करसा आदि ग्र्रामों में श्री दीपक चंद्राकर, श्री अतुल चंद्राकर, श्री बिलास राम साहू, श्री शिव कुमार वर्मा एवं अन्य कृषकों के प्रक्षेत्र में लगे धान के कतार बोनी का निरीक्षण व अवलोकन किया गया। इस दौरान किसानों ने धान की खुर्रा बोनी विधि के बारे में श्री राॅन वेरडांक एवं डाॅ. सिंह को जानकारी देते हुए बताया कि यह विधि धान की छिडकवा बोनी की अपेक्षा अधिक लाभप्रद होती है क्योंकि इस विधि में धान के पौधों के पर्याप्त विकास हेतु समुचित जगह मिलती है एवं निंदाई, गुडाई पर कम खर्च आता है तथा इस विधि में पानी व खाद की आवश्यकता छिडकवा बोनी विधि की अपेक्षा कम होती है। इस विधि से धान की बुआई करने पर 8 से 10 दिनों पहले धान की कटाई हो जाती है। श्री राॅन वेरडांक एवं डाॅ. सिंह द्वारा खुर्रा बोनी विधि की सराहना की गई। आंगतुकों द्वारा उपस्थित कृषकों श्री दीपक चंद्राकर, एवं आदि से धान की कतार बोनी से खेती की विस्तृत जानकारी ली गई।
भ्रमण के दौरान आगतुकांे द्वारा दुर्ग जिला विकासखंड पाटन के ग्राम महुदा के मां शक्ति आदर्श गोठान का भ्रमण भी किया गया। गोठान संचालन समिति की महिला सदस्यों ने श्री राॅन वेरडांक एवं डाॅ. सिंह को गोठान समूह द्वारा संचालित वर्मी खाद उत्पादन ईकाई, आदर्श फल एवं सब्जी ईकाई आदि का अवलोकन कराया गया। श्री राॅन वेरडांक एवं डाॅ. सिंह ने गोठान में किये जा रहे कार्यों को कृषि विकास में आवश्यक कदम बताया। इसके उपरांत श्री राॅन वेरडांक एवं डाॅ. सिंह ने ग्राम महुदा के महिला स्व-सहायता समूह के कृषकों श्रीमती नंदिनी पटेल, श्रीमती मांेगरा बाई साहू द्वारा संचालित जय अंबे बटेर पालक इकाई का अवलोकन किया। इस दौरान समूह की महिलाओं द्वारा चूजा से बटेर पालन, रखरखाव एवं विक्रय की विस्तृत जानकारी दी गई। आगंतुकों द्वारा कृषि के अलावा अन्य व्यवसाय के रुप में बटेर पालन से आय अर्जन हेतु महिलाआंें द्वारा किये जा रहे प्रयासों की सराहना की गई तथा इस व्यवसाय में अन्य महिलाओं को जोड़कर इसका विस्तार करने का सलाह दिया गया। भ्रमण के दौरान कृषि विज्ञान केन्द्र, पाहंदा (अ) दुर्ग के सभी विशेषज्ञ उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए प्रतिनिधि मण्डल ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. संजय कुमार पाटील से मुलाकात की। इस दल ने डाॅ. पाटील के साथ छत्तीसगढ़ राज्य में कृषि के विकास, जलवायु परिवर्तन का कृषि पर प्रभाव, फसल विविधिकरण तथा छत्तीसगढ़ में लघु धान्य फसलों के विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा की।

सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी