सर्व आदिवासी समाज ने प्रदेश भर के हाइवे में लगाया जाम, आवाजाही हुई बाधित

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सर्व आदिवासी समाज ने प्रदेश भर के हाइवे में लगाया जाम, आवाजाही हुई बाधित
सर्व आदिवासी समाज ने प्रदेश भर के हाइवे में लगाया जाम, आवाजाही हुई बाधित

रायपुर। सर्व आदिवासी समाज ने अपनी मांगों को लेकर आज प्रदेश भर में अनेक राजमार्गों पर चक्का जाम कर दिया। इससे वाहनों के पहिये थम गए।

आज छत्तीसगढ़ के कई जिलों में सर्व आदिवासी समाज ने अपने 22 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन और चक्का जाम किया। कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर, अंतागढ़, दुर्गुकोंडल, कोरर के अलावा बालोद, कुरुद, कोंडागांव, रायगढ़, कोरबा सहित अनेक जिलों में चक्का जाम किया। सिल्गेर गोलीकांड में कार्रवाई सहित 22 मांगों को लेकर सर्व आदिवासी समाज पिछले कई महीने से आंदोलन कर रहा है। लगातार धरना प्रदर्शन के बाद पिछले दिनों आर्थिक नाकेबंदी की गई। सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारी बी एस रावटे का दावा है कि प्रदेश भर में 28 में से लगभग 20 जिलों में हाइवे सहित कई मार्गों पर चक्का जाम किया गया। इस दौरान वाहनों की आवाजाही बाधित रही। इस दौरान इमरजेंसी सेवाओं से जुड़े वाहनों को जाने दिया गया।

टिकट कटने के डर से आगे नहीं आ रहे आदिवासी विधायक : पोटाई

मिडिया से चर्चा के दौरान सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष सोहन पोटाई से जब प्रदेश के आदिवासियों द्वारा इस आंदोलन को समर्थन नहीं दिए जाने संबंधी सवाल किया गया तब उन्होंने कहा कि आदिवासी विधायकों को इस बात का डर है कि कहीं अगली बार उनकी टिकट न काट जाये, मगर इस बार आदिवासी समाज उन्हें सबक सिखाने को तैयार है। संगठन ने एक दिवसीय चक्का जाम के बाद आंदोलन को और भी उग्र करने की चेतावनी दी है।

आदिवासी समाज के ये हैं मुख्य मांगे….

  • सुकमा जिले के ग्राम सिलगेर मे शांतिपूर्वक आन्दोलन कर रहे निर्दोष आदिवासियों पर अंधाधुंध गोलीबारी करने वालों के खिलाफ एफआईआर। मृतक परिवारों को 50-50 लाख, घायलों को 5-5 लाख मुआवजा व मृतक परिवारों के एक सदस्य को योग्यता अनुसार शासकीय नौकरी।
  • बस्तर संभाग की नक्सल समस्या पर स्थायी समाधान के लिए सभी पक्षों से समन्वय स्थापित कर स्थाई समाधान की ओर राज्य सरकार शीघ्र पहल करे।
  • पदोन्नति मे आरक्षण के संबंध में जब तक माननीय उच्च न्यायालय के स्थगन समाप्त नहीं हो जाता, तब तक किसी भी हालत मे अनुसूचित जाति /जनजाति के लिए आरक्षित पदोन्नति रिक्त पदों को न भरें।
  • सरकारी नौकरी मे बैकलॉग एवं नई भर्तियों पर आरक्षण रोस्टर लागू किया जाए।
  • पांचवी अनुसूची क्षेत्र में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती मे मूलवासियों की शत प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाए।
  • प्रदेश में खनिज उत्खनन के लिए जमीन अधिग्रहण की जगह लीज मे लेकर जमीन मालिक को शेयर होल्डर बनाया जाए।
  • फर्जी जाति प्रकरण पर दोषियों पर शीघ्र कार्यवाही हो
  • छात्रवृत्ति योजना में आदिवासी विद्यार्थियो के लिए 50 लाख की पात्रता सीमा समाप्त की जाए।
  • आदिवासी समाज की महिला गैर आदिवासी समाज पर शादी होने पर जनप्रतिनिधि शासकीय सेवा या जनजाति समुदाय की जमीन खरीदी पर रोक लगाने के लिये संबंधित अधिनियमों मे आवश्यक संशोधन किया जाए।
  • आदिवासी उत्पीड़न पर अजाक थाना के चक्कर लगाने पडते है, इस पर राज्य सरकार कडाई से पलान कराये
  • वन अधिकार कानून2006 का कडाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाये
  • पेशा कानून की क्रियान्वयन नियम तत्काल बना कर पालन सुनिश्चित करया जाये।
  • अनुसूचित क्षेत्र में ग्राम पंचायतों को विखंडित कर नगर पंचायत बनाया जाता है। उन पुनः विखंडित कर ग्राम पंचायत बनाया जाए।

सारकेगुड़ा कांड के दोषियों पर तत्काल कार्यवाही हो।