मातृशक्तियां निर्जला व्रत रहकर ” बेटा ज्यौतिया महाव्रत एवं चिल्हीडार महापूजा (सेवा) संपन्न किये _

जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज
क्वांर अंधियारी पाख अष्टमी के पावन परब में दिनांक 29.09.2021 बुधवार (सुर्वानेट) को परम श्रद्धेय गोंडवाना गुरुदेव, गुरुमाता के सानिध्य में गोंडी धर्म संस्कृति संरक्षण समिति एवं छत्तीसगढ़ गोंडवाना संघ के संयुक्त तत्वावधान में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी प्रदेश/ राष्ट्र के विभिन्न जिला, ब्लाकों में ,” *बेटा ज्यौतिया महाव्रत एवं चिल्हिडार महापूजा (सेवा)* बड़े ही धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया.
प्रांतीय सचिव तिरूमाल गजानंद नुरूटी ने बताया कि यह प्रकृति सेवा है, पुरखों से चली आ रही हमारी अनुशासित, प्राकृतिक गोंडी धर्म, सांस्कृतिक रूढ़ी प्रथा परंपरा को अक्षुण्ण बनाए रखने तथा आगामी पीढ़ी को अवगत कराने के उद्देश्य से यह सांस्कृतिक महापर्व मनाया जाता है, इस दिन चिल्हिडार (डंगाल) व भोजली दाई की विशेष सेवा की जाती है.
चिल्ही डार एक विशिष्ठ गुणों से परिपूर्ण पेड़ है,आयुर्वेद के क्षेत्र में बहुगुणी है, जिसकी हम विशेषकर यह माताओं की आस्था विश्वास की परब है, माताएं निर्जला व्रत तथा रात्रि जागरण कर प्रकृति पेन बड़ा देव (महादेव), बूढ़ादेव, चिल्हो दाई, भोजली दाई, गुरु ददा, दाई की सानिध्य प्राप्त कर संतान प्राप्ति, अपने बच्चो की रक्षा सुरक्षा व खुशहाल जिंदगी, घर परिवार, समाज में सुख शांति समृद्धि तथा प्रदेश, देश की खुशहाली समृद्धि की कामना के साथ ज्यौतिया धारण करती हैं.
भोजली माता की सेवा 7 दिन तक की जाती है, चिल्हीडार पेन को सप्तमी के दिन पंडा पुजारी, गायता, भुमका द्वारा सेवा जोहार निमंत्रण देकर अष्टमी को सम्मानपूर्वक सफेद कपड़ा में लपेटकर (नारियल) के साथ माताओं द्वारा पंडा पुजारी के सहयोग से लाया जाता है और घर के अंगना, पवित्र स्थान व देव ठाना के पास स्थापित कर सेवा की जाती है, इस अवसर पर विशेष रोटी अरसा, खीर इत्यादि को आराध्य देवी देवताओं को समर्पित किया जाता है, प्रसाद वितरित किया जाता है.
प्रदेश के विभिन्न जिलों में जिला प्रमुखों की अध्यक्षता में यह पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया गया _
*गरियाबंद* _ मुख्य अतिथि गुरु माता तिरुमाय दुलेश्वरी सिदार जी, अध्यक्षता _ तिरु. दुष्यंत ध्रुवा जी, *विशिष्ट अतिथि_* सांसद तिरु.रमेशचंद्र मांझी जी, विधायक तिरु.डमरूधर पुजारी जी व पूर्व विधायक तिरु.गोवर्धन सिंह मांझी जी इत्यादि.
*राजनांदगांव* _मुख्य अतिथि विधायक तिरु.देवव्रत सिंह जी, अध्यक्षता तिरु. सोनऊ ध्रुव जी, *विशिष्ट अतिथि _* विधायक तिरु.भुनेश्वर बघेल, विधायक तिरु. दलेशवर साहू जी,
*मुंगेली* _मुख्य अतिथि विधायक तिरुमाय रश्मि आशीष सिंह ठाकुर जी, अध्यक्षता_ तिरु. महेंद्र नेताम जी (जिला अध्यक्ष), *विशिष्ट अतिथि* _तिरुमाय लेखनी सानू चंद्राकर जी (जिला पंचायत अध्यक्ष), ज. पं. सदस्य जितेंद्र पांडेय,
*धमतरी* _ मुख्य अतिथि तिरुमाय राजकुमारी दीवान जी (अ. ज.आयोग उपाध्यक्ष), अध्यक्षता_ तिरु. लोकनाथ कोर्राम जी,
*दुर्ग* _ मुख्य अतिथि आशीष वर्मा जी ( osd मुख्यमंत्री महोदय), अध्यक्षता तिरु. पंचू नेताम जी, सरपंच वेदकुमारी वर्मा जी,
*बलौदाबाजार* _ मुख्य अतिथि तिरु. आर.के. ध्रुव ( डिप्टी कलेक्टर), अध्यक्षता आर. के. कुंजाम जी (महा सचिव गों. ध. सं. संरक्षण समिति), *विशिष्ट अतिथि* तिरु. के. एल.सोरी जी( अपर कलेक्टर) व तिरु. सत्येंद्र सिंह बघेल जी ( महाप्रबंधक),
*बालोद* _ मुख्य अतिथिg विधायक तिरु. कुंवर सिंह निषाद जी, अध्यक्षता तिरु. ओबेंद्र पद्दाम जी, *विशिष्ट अतिथि_* तिरु. सोना देवी देशलहरा जी ( जिला पंचायत अध्यक्ष), सुमित्रा साहू जी.( अध्यक्ष ज. पंचायत), तिरु. गजानंद नुरुटी (प्रांतीय सचिव गों.ध.सं. संरक्षण समिति), सर्व तिरु. फूलसिंह सेवता, पुनारद नेताम, ठगेस्वर करियाम, भुनेश्वर कतलम, झग्गर मंडावी,गणेश मंडावी, मुक्तेश कुंजाम जी,
*महासमुंद* _ मुख्य अतिथि तिरु. उषा पटेल (जि. पंचायत अध्यक्ष), अध्यक्षता तिरु. दीपक जगत जी, *विशिष्ट अतिथि* तिरु.सत्यभामा नाग जी ( ज.पं. अध्यक्ष), तिरु. अमृत लाल (कर्मचारी प्रकोष्ठ अध्यक्ष)
*जांजगीर चांपा _* मुख्य अतिथि तिरु. बी. एस. मरकाम (एडिशनल कलेक्टर), अध्यक्षता तिरु. घनश्याम जगत जी, *विशिष्ट अतिथि* तिरु. विजय कुंवर मरकाम जी (अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज) इत्यादि.
*रायपुर* _ तिरु. विजय तुमरेकी जी (उपाध्यक्ष गो. ध. सं. संरक्षण समिति), तिरु.गौकरण कुंजाम जी ( कोषाध्यक्ष), तिरुमाय भूषण छैदेहा जी
*रायगढ़* _ मुख्य अतिथि तिरु.गीता सिंह ने (जिला अध्यक्ष, गों. ध. संस्कृति संरक्षण समिति), अध्यक्षता तिरु. सेठीचंद नेटी एवम् समाजजनों
*दंतेवाड़ा_* तिरु. जे. आर. तुमरेकी जी (जिला अध्यक्ष गों. ध. संस्कृति संरक्षण समिति ) एवम् समाजजनों
*कांकेर_* मुख्य अतिथि सरपंच अनिता खम्मन सिंह कांगे,अध्यक्षता तिरु. कमल कुंजाम जी, विशिष्ट अतिथि प्रेमानंद नागवंशी, ईश्वर नाग, पुरुषोत्तम साहू, हेमराज ठाकुर, भुखाय पटेल जी इत्यादि उपस्थित रहे.
कार्यक्रम आयोजक समिति व सामाजिक सहयोग से सौहाद्रपूर्ण वातावरण में प्रकृति सेवा के साथ ही सांस्कृतिक, सामाजिक एकजुटता प्रदर्शित हुआ, कार्यक्रम को सफल बनाने में युवा, युवती शक्तियों का विशेष योगदान रहा. जय जोहार, जय बड़ादेव