हसदेव बचाने के लिए आदिवासियों ने निकाला 300 किलोमीटर का मार्च…अडानी के सामने सरकार की आवाज बंद

जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज छत्तीसगढ़ के सुरगुजा जिले में गोंड आदिवासी समुदाय हसदेव अरण्ड के घने जंगल के बीचो-बीच में स्थित एक और कोयला ब्लॉक – केते बेसन में चल रहे अभियान के खिलाफ अपने प्रतिरोध को जारी रखे हुए हैं. अपनी बात सुनाने के लिए वे 300 किलोमीटर की पदयात्रा पर हैं. ये लोग रायपुर में राज्यपाल को ज्ञापन देंगे.
चुनाव के समय राहुल गांधी ने इन आदिवासी की जमीन सुरक्षित रहेगा का आश्वासन दिया था. अब कांग्रेस की सरकार है फिर भी अडानी के सामने भूपेश और टीएस सिंहदेव आवाज बंद हो गया है, इनको आदिवासियों की आवाज नही सुनाई दे रही है. इन आदिवासियों का क्या होगा.
प्रदेश में आदिवासी नृत्य समारोह से आदिवासी को लाभ नहीं होगा इससे तो इवेन्ट कराने वाले को लाभ होगा. अडानी की कंपनी का कभी विरोध करने वाले सत्ता में आते ही सब भूल गये. आदिवासी के शुभचिंतक पितामह के भी कान बंद है. कहां है आदिवासियों की जमीन को सुरक्षित बताने वाले राहुल गाँधी एक तरफ अडानी को दिन रात गाली देता है तो दूसरी ओर छत्तीसगढ़ सरकार अडानी को आदिवासीयों के जमीन को बेचने में लगे हैं ये कैसा चरित्र है .
 इन आदिवासी आंदोलनकारीयों के पैरों में छाले पड़ गये है, ऐसे तो इन के जीवन में सरकार कारण छाले पड़ रहे है. इस राह की मज़िल है की नहीं इन सब का जवाब अभी किसी के पास नहीं है.