गैतरा गाँव के दिल में बसी एक ऐसी कहानी, जिसमें हौंसला, आत्मविश्वास, और कठिनाइयों के बावजूद एक लड़के ने अपने सपनों को पूरा करने में कामयाबी हासिल की।
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज़
ऐश्वर्य कुमार वर्मा पिता स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद वर्मा, गैतरा गाँव का जन्मा-बढ़ा हुआ युवक, ने जीवन की कठिनाइयों का सामना किया और उन्हें पार करके एक चार्टर्ड एकाउंटेंट बनने का संघर्ष किया। उनका सफर उत्साह, परिश्रम, और संघर्ष से भरा हुआ है।
अपने जीवन की पहली कहानी में, आश्वर्य ने गरीबी और सीमित शिक्षा संसाधनों के बावजूद शिक्षा में अपना मनोबल बनाए रखा। वह ने अपनी उच्च शिक्षा में उत्कृष्टता प्राप्त की और गाँव के लोगों को शिक्षा के महत्व का साक्षात्कार कराया।
आश्वर्य ने अपने कड़ी मेहनत और उत्साह से भरे सफर में चार्टर्ड एकाउंटेंट बनने का मार्ग तय किया। उनकी यह कहानी गैतरा के बाहर ही नहीं, बल्कि पूरे भारत को प्रेरित कर रही है, खासकर गाँवी युवा जो अपनी सीमाओं को पार करना चाहते हैं।
आश्वर्य कुमार वर्मा की कहानी एक सहारा है, जो दिखाता है कि इंसानी आत्मा की मेहनत और संघर्ष से हर कठिनाई को पार किया जा सकता है और सपनों को हकीकत में बदला जा सकता है।

