छत्तीसगढ़

अदाणी फाउंडेशन ने सब्जियों तथा श्रीविधि द्वारा धान की जैविक खेती से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर किया एक दिवसीय वर्कशॉप का आयोजन

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  • जैविक खेती तथा श्रीविधि के तकनीकी पहलुओं पर फोकस
  • 50 से अधिक किसान हुए लाभान्वित
  • किसानों ने किया कृषि विज्ञान केंद्र का दौरा

अंबिकापुर l अदाणी फाउंडेशन द्वारा अंबिकापुर में स्थानीय किसानों के लिए सब्जियों तथा श्रीविधि के माध्यम से धान की जैविक खेती से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाल कृषि विज्ञान केंद्र अंबिकापुर फील्ड विजिट के साथ दो भागों में संपन्न हुई, जिसमें सलही, परसा और अम्बिकापुर के आसपास के गांवों के करीब 50 से अधिक किसानों ने हिस्सा लिया। इस कार्यशाला के माध्यम से किसानों को सर्वोत्तम कृषि पद्धतियों के तकनीकी पहलुओं को समझने का अवसर मिला । साथ ही किसानों को जैविक खेती के लिए प्रेरणा भी प्राप्त हुई।

अंबिकापुर के शासकीय राजमोहिनी देवी कॉलेज ऑफ़ एग्रीकल्चर एंड रिसर्च सेंटर में आयोजित इस कार्यशाल के दौरान कॉलेज के डीन डॉ वी के सिंह ने अपनी तकनीकी विशेषज्ञ टीम के माध्यम से किसानों को मिट्टी की तैयारी, सब्जियों की जैविक खेती तथा श्रीविधि द्वारा धान की खेती से जुड़े तकनीकी बिंदुओं की जानकारी दी। कार्यशाला के उपरान्त किसानों में कृषि विज्ञान केंद्र, अंबिकापुर में कृषि क्षेत्र का दौरा भी किया।

उल्लेखनीय है कि अदाणी फाउंडेशन पिछले लम्बे समय से सरगुजा साइट से जुड़े गावों को जैविक कृषि की राह पर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। महिला उद्यमी बहुउद्देशीय सहकारी समिति के माध्यम से जहां एक तरफ ग्रामीण महिलाएं स्वरोजगार के नए नए अवसरों को आय अर्जन का स्त्रोत बना रही हैं वहीं, जैविक खाद की जरूरतों को पूरा करने के लिए वर्मीकम्पोस्ट के व्यावसायिक उत्पादन को भी सफल बनाया है।

इस कार्यशाला को सफल बनाने में श्री विकास सिंह, पीओ – ​अदाणी फाउंडेशन, सरगुजा साइट व अदाणी सीएसआर टीम के सभी सदस्यों का विशेष योगदान रहा।