छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में होगी हरे चावल की खेती, कृषि विभाग ने जैविक उत्पादन के लिए शुरू की तैयारी, विदेशों में डिमांड
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कृषि प्रधान जिला बालोद आधुनिक कृषि के क्षेत्र में विशेष पहचान बना रहा है। जिले में काला एवं लाल चावल की सफल खेती के बाद कृषि विभाग हरे चावल की खेती करने की तैयारी शुरू कर दी है।
बालोद. कृषि प्रधान जिला बालोद आधुनिक कृषि के क्षेत्र में विशेष पहचान बना रहा है। जिले में काला एवं लाल चावल की सफल खेती के बाद कृषि विभाग हरे चावल की खेती करने की तैयारी शुरू कर दी है। गर्मी फसल के बाद बारिश में हरे चावल की खेती करने की योजना बना ली है। यह खेती किस ब्लॉक में शुरू होगी, इसके लिए जगह का चयन नहीं हो पाया है। सम्भवत: कृषि विभाग गुरुर ब्लॉक से ही हरे चावल की खेती करा सकता है। प्रदेश में हरे चावल की खेती पहली बार दुर्ग जिले में हुई, तब इस जिले के एक किसान ने इसकी खेती की थी। जिसके बाद पूरे प्रदेशभर में सुर्खियों पर आए थे।
धमतरी से लाया जाएगा बीज
जानकारी के मुताबिक हरे चावल का बीज धमतरी जिले के किसान व वहां के कृषि विभाग की टीम के सहयोग से बीज लाया जाएगा। कितने एकड़ के लिए बीज मिलेगा, यह कहा नहीं जा सकता। लेकिन तय माना जा रहा है कि शुरुआत में 4 एकड़ में ट्रायल किया जाएगा। जिसके बाद इनसे उत्पादित बीज से और खेती कर उत्पादन किया जाएगा। कृषि विभाग के मुताबिक हरे रंग की चावल की खेती करना तय है। अभी किसानों का चयन करना बाकी है। जिला कृषि अधिकार एनके पांडे ने बताया कि इस बार हरे चावल की खेती करने की तैयारी चल रही है। जिले में यह खेती पूरी तरह जैविक रूप में की जाएगी। इस खेती में रसायन खाद का उपयोग नहीं किया जाएगा। यह पूरी तरह जैविक होगा।
जिले में जिंक, काला व लाल रंग के चावल की हो रही खेती
जिले में वर्तमान समय में लाल व काला रंग के चावल की खेती हो रही है। इस चावल की मांग आस्ट्रेलिया तक हो रही है। इस जैविक खेती से उत्पादित चावल को बेचकर किसान आत्मनिर्भर हो रहे हैं।
